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RK Studio में क्यों बंद हो गया गणपति उत्सव? करिश्मा कपूर ने खोला राज

आरके स्टूडियो की मशहूर गणपति पूजा कपूर परिवार की पुरानी परंपरा थी. करिश्मा कपूर ने बताया कि क्यों यह आयोजन बंद हो गया.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
RK Studio में क्यों बंद हो गया गणपति उत्सव? करिश्मा कपूर ने खोला राज
Courtesy: X

RK Studio Ganpati : कपूर परिवार और गणपति उत्सव का रिश्ता बॉलीवुड की पुरानी यादों से जुड़ा है. आरके स्टूडियो में राज कपूर के दौर में गणेश चतुर्थी बड़े स्तर पर मनाई जाती थी. सितारों के साथ स्टूडियो कर्मचारी और आसपास के लोग भी इसमें शामिल होते थे. अब करिश्मा कपूर ने इसके बंद होने की वजह बताई है.

आरके स्टूडियो में धूमधाम से मनाया जाता था गणपति उत्सव

करिश्मा कपूर ने डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ में परिवार की इस पुरानी परंपरा को याद किया. उन्होंने बताया कि राज कपूर के समय आरके स्टूडियो में गणेश चतुर्थी का आयोजन बेहद खास होता था. इसमें स्टूडियो का पूरा स्टाफ और आसपास रहने वाले लोग भी शामिल होते थे. यह सिर्फ कपूर परिवार का निजी आयोजन नहीं था, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों की भावनाएं जुड़ी थीं. गणपति के स्वागत से लेकर दर्शन तक स्टूडियो में उत्सव जैसा माहौल रहता था और यह परंपरा कपूर परिवार की पहचान बन गई थी.

राज कपूर के निधन के बाद बंद हुआ आयोजन

करिश्मा के मुताबिक राज कपूर के निधन के बाद आरके स्टूडियो में गणपति उत्सव मनाने की परंपरा खत्म हो गई. हालांकि कपूर परिवार ने बप्पा से जुड़ी अपनी आस्था को खत्म नहीं होने दिया. आज भी परिवार अपने-अपने घरों में गणपति उत्सव मनाता है. करिश्मा ने बताया कि परिवार के सदस्य चाहे अलग-अलग जगहों पर हों या काम में व्यस्त हों, इन दस दिनों में बप्पा के दर्शन के लिए समय जरूर निकालते हैं. जगह बदल गई लेकिन गणपति के प्रति परिवार की श्रद्धा आज भी कायम है.

गणपति बप्पा से भक्तों का खास रिश्ता

शो में मौजूद अभिनेत्री अमृता खानविलकर ने भी गणपति उत्सव को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा के साथ लोगों का रिश्ता बेहद अपनापन वाला है. भक्त उन्हें दोस्त, भाई और परिवार का हिस्सा मानकर बात करते हैं. अमृता के मुताबिक आमतौर पर बड़ों के लिए सम्मान में ‘आप’ कहा जाता है लेकिन बप्पा को लोग प्यार से अपना मानते हैं. इसी वजह से गणपति उत्सव में भक्ति के साथ एक खास अपनापन भी नजर आता है. कपूर परिवार के लिए भी यही रिश्ता इस परंपरा को खास बनाता है.