Pahlaj Nihalani Passed Away: फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी ने दुनिया को कहा अलविदा, 76 की उम्र में ली अंतिम सांस

मशहूर निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पूर्व चेयरपर्सन पहलाज निहलानी का गुरुवार को निधन हो गया. वे 76 वर्ष के थे. पिछले कुछ महीनों से वे लिवर से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे.

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Antima Pal

Pahlaj Nihalani Passed Away: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पूर्व चेयरपर्सन पहलाज निहलानी का गुरुवार को निधन हो गया. वे 76 वर्ष के थे. पिछले कुछ महीनों से वे लिवर से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे. उनके परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है.

पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में हुआ निधन

परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया- 'गहरी शोक की स्थिति में हम आपको सूचित करते हैं कि हमारी प्रिय पहलाज निहलानी का 4 जून 2026 को निधन हो गया. अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे सांताक्रुज हिंदू श्मशान घाट पर किया जाएगा. हम सभी के विचारों और प्रार्थनाओं के लिए आभारी हैं.'

पहलाज निहलानी 1980 और 1990 के दशक में बॉलीवुड के सफल फिल्म निर्माताओं में शुमार थे. उन्होंने कई यादगार फिल्में बनाईं, जिनमें हाथकड़ी, इल्जाम, आग ही आग, आंधियां, शोला और शबनम, आंखें और अंदाज़ जैसी फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों ने उस समय दर्शकों को खूब पसंद किया और अच्छा व्यापार भी किया. वे सख्त सेंसरशिप के लिए भी जाने जाते थे. वर्ष 2015 से 2017 तक वे CBFC के चेयरमैन रहे. इस दौरान उन्होंने कई फिल्मों पर सख्ती दिखाई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई.

फिल्म इंडस्ट्री में वे एक सख्त और अनुशासित व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते थे. उनकी आखिरी फिल्म रंगीला राजा (2019) थी, जिसमें गोविंदा मुख्य भूमिका में थे. हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली थी. 

फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

पहलाज निहलानी के निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड जगत में शोक की लहर दौड़ गई. कई अभिनेता, निर्देशक और फिल्मकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. लोग उन्हें 80-90 के दशक की व्यावसायिक सिनेमा का अहम हिस्सा बताते हुए याद कर रहे हैं. पहलाज निहलानी सिंधी समुदाय से ताल्लुक रखते थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे-मोटे कामों से की थी और मेहनत के बल पर खुद को स्थापित किया. वे फिल्म निर्माण के साथ-साथ फिल्म सर्टिफिकेशन व्यवस्था को सुधारने की कोशिशों के लिए भी चर्चा में रहे.