मुंबई: हैदराबाद के नल्लागंडला इलाके में स्थित चिरंजीवी ढाबा इन दिनों सुर्खियों में है. यह मामला तब चर्चा में आया जब तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार चिरंजीवी के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करने को लेकर इस ढाबे को कानूनी नोटिस मिला था. हालांकि, ढाबे के मालिक रवि तेज ने इस विवाद को शांत करते हुए बताया कि एक्टर से उन्हें आधिकारिक सहमति मिल गई है और अब ढाबा पूरी तरह वैध रूप से उनके नाम से चल रहा है.
इस साल अप्रैल में खुले इस ढाबे को हाल ही में एक कानूनी नोटिस प्राप्त हुआ. आरोप था कि ढाबे में मेगास्टार चिरंजीवी के नाम और तस्वीर का उपयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया. इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई और चिरंजीवी के फैंस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दिया है.
ढाबे के मालिक रवि तेज ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए पुष्टि की कि उन्हें नोटिस मिला है. उन्होंने कहा कि एक्टर को शायद पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया है. रवि ने कहा, 'यह समझ में आता है कि उन्हें पहले इसकी जानकारी नहीं रही होगी लेकिन हमें पूरा विश्वास था कि एक बार सच्चाई पता चलने पर वे सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे और हमारा विश्वास बिल्कुल सही साबित हुआ.'
रवि तेज ने यह भी बताया कि उन्होंने इस विवाद को सुलझाने के लिए चिरंजीवी की टीम से मुलाकात की. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब उन्हें एक्टर की ओर से उनके नाम से रेस्टोरेंट चलाने की अनुमति प्राप्त हो गई है. वीडियो के अंत में रवि तेज ने मेगास्टार का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह उनके समझदारीपूर्ण रवैये और समर्थन के लिए आभारी हैं.
उन्होंने कहा कि चिरंजीवी न केवल एक एक्टर हैं बल्कि एक प्रेरणा भी हैं और उनके नाम से ढाबा चलाना सम्मान की बात है. इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने राहत की सांस ली और ढाबे के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी.
इस विवाद की जड़ कुछ समय पहले दायर की गई वह याचिका थी जो चिरंजीवी ने हैदराबाद सिविल कोर्ट में अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दाखिल की थी. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि कोई भी व्यक्ति या संस्था उनकी सहमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, आवाज या व्यक्तित्व का व्यावसायिक उपयोग न कर सके.
कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि एक्टर की पहचान का उपयोग बिना अनुमति अवैध माना जाएगा. इसी आदेश के बाद चिरंजीवी ढाबा को नोटिस भेजा गया था ताकि किसी प्रकार का गलत इस्तेमाल न हो सके.