Box Office Disaster: 9 महीने में 9 बड़ी फिल्में फ्लॉप, बड़े-बड़े सितारों की डूबी लुटिया, अरबों रुपये स्वाहा

पिछले 9 महीनों में 9 बड़ी बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी हैं. इनमें बड़े-बड़े सुपरस्टार्स से लेकर पैन इंडिया स्टार्स तक शामिल हैं, लेकिन दर्शकों ने सभी को नकार दिया. बड़े बजट, हैवी VFX और तगड़ी स्टारकास्ट भी इन फिल्मों को बचा नहीं पाई, जिसके चलते मेकर्स के अरबों रुपये स्वाहा हो गए.

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2026 Disaster Movies List: साल 2026 का नौवां महीना चल रहा है और बॉलीवुड-साउथ की दुनिया में छोटे बजट की कुछ फिल्मों ने कमाल दिखाया है. महज 2 करोड़ में बनी 'हनुमान अंश' जैसी फिल्मों ने दर्शकों का दिल जीत लिया. लेकिन बड़े बजट और बड़े सितारों वाली कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह नाकाम रहीं. अरबों रुपये स्वाहा हो गए.

9 महीने में 9 बड़ी फिल्में हुईं डिजास्टर

शुरुआत प्रभास की 'द राजा साब' से होती है. करीब 450 करोड़ के बजट में बनी इस हॉरर-कॉमेडी से फैंस को बहुत उम्मीदें थीं. रोमांस और एक्शन के बाद हॉरर में भी प्रभास बाजी मारेंगे, ऐसा सोचा जा रहा था. लेकिन फिल्म बजट का आधा भी नहीं कमा सकी और मुश्किल से 200 करोड़ के आसपास सिमट गई. इसमें संजय दत्त भी थे.

लिस्ट देखकर रह जाएंगे हैरान

संजय दत्त का साल मिला-जुला रहा. एक तरफ 'धुरंधर 2' जैसी फिल्म ने 1800 करोड़ का धमाका किया, तो दूसरी तरफ 'द राजा साब', 'आखिरी सवाल' और 'केडी द डेविल' जैसी फिल्में फ्लॉप साबित हुईं.


'उस्ताद भगत सिंह' भी डूबी

अक्षय कुमार और सैफ अली खान की रीयूनियन फिल्म 'हैवान' भी निराश करने वाली रही. पहले वीकेंड में ही यह 12 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर पाई. पावर स्टार पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह' 150 करोड़ बजट में बनी थी, लेकिन 100 करोड़ भी नहीं छू सकी.

इन बड़ी फिल्मों की भी डूबी लुटिया

सबसे बड़ा झटका साउथ सुपरस्टार यश को लगा. उनकी 'टॉक्सिक' 600 करोड़ के भारी बजट में तैयार हुई थी, लेकिन दर्शकों ने इसे स्वीकार नहीं किया. इसके अलावा 'ओ रोमियो', 'अल्फा' और 'एक दिन' जैसी फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं. 'हैवान' और 'टॉक्सिक' का भी बेड़ा गर्क हो गया.

इन 9 महीनों में साफ दिख रहा है कि सिर्फ बड़ा नाम और भारी बजट अब सफलता की गारंटी नहीं है. कहानी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद मायने रखती है. छोटे बजट की फिल्में अगर सही तरीके से बनाई जाएं तो बड़ा कमाल कर सकती हैं, जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स को भी दर्शकों की नब्ज समझनी होगी.