जानें कौन हैं 'बूंग' की डॉयरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी? BAFTA 2026 में रचा इतिहास, स्पीच में ऐसा क्या कहा कि चारों तरफ हो रही तारीफ
लक्ष्मीप्रिया देवी कौन हैं? मिलिए 'बूंग' फिल्म की निर्देशक से, जिन्होंने बाफ्टा 2026 में अपने प्रभावशाली स्वीकृति भाषण में मणिपुर को प्रमुखता देकर इतिहास रच दिया.
मुंबई: मणिपुर की फिल्ममेकर लक्ष्मीप्रिया देवी की डेब्यू फीचर फिल्म 'बूंग' ने BAFTA फिल्म अवॉर्ड्स 2026 में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब जीता. ये जीत भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि ये नॉर्थईस्ट से पहली फिल्म है जिसने BAFTA जीता और लक्ष्मीप्रिया नॉर्थईस्ट की पहली डायरेक्टर बनीं जिन्होंने ये मुकाम हासिल किया.
जानें कौन हैं 'बूंग' की डॉयरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी?
'बूंग' एक मणिपुरी भाषा की कमिंग-ऑफ-एज कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है। ये एक छोटे लड़के की कहानी है जो मणिपुर के उत्तरी इलाके में जातीय तनाव और राजनीतिक अशांति के बीच अपने पिता को घर लौटाने की कोशिश करता है. फिल्म में बचपन की मासूमियत, रोजमर्रा की जिंदगी की मजबूती और भावनात्मक संघर्ष को खूबसूरती से दिखाया गया है. ये फिल्म 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर हुई थी और बाद में भारत में रिलीज हुई.
प्रोड्यूसर्स में फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की Excel Entertainment शामिल है. BAFTA स्टेज पर लक्ष्मीप्रिया ने इमोशनल स्पीच दी. उन्होंने मणिपुर में चल रहे मानवीय संकट को 'इग्नोर्ड एंड अनरिप्रेजेंटेड' बताया. उन्होंने कहा कि ये अवॉर्ड उन सभी लोगों को समर्पित है जो हिंसा से प्रभावित हैं. उन्होंने ग्लोबल कम्युनिटी से मणिपुर में शांति और हीलिंग के लिए प्रार्थना करने की अपील की.
BAFTA 2026 में रचा इतिहास
स्पीच के दौरान प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर, रितेश सिद्धवानी और असिस्टेंट डायरेक्टर राहुल शारदा भी स्टेज पर थे. अवॉर्ड पैडिंगटन बियर (पैडिंगटन द म्यूजिकल से) ने दिया, जो पल को और यादगार बना गया. लक्ष्मीप्रिया देवी एक इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर, राइटर और डायरेक्टर हैं. वे मणिपुर से हैं और अपनी फिल्मों में सोशल कंसर्न, आइडेंटिटी, मेमोरी, डिस्प्लेसमेंट और पॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट जैसे मुद्दों पर फोकस करती हैं. शॉर्ट फिल्म्स और डॉक्यूमेंट्रीज से उन्होंने नाम कमाया था. उनकी कहानियां मणिपुर की लिव्ड एक्सपीरियंस से प्रेरित हैं, जहां मेनस्ट्रीम इंडियन सिनेमा में अक्सर नजरअंदाज किया जाता है. उनका मकसद अनदेखी कम्युनिटीज की स्टोरीज को ग्लोबल स्टेज पर लाना है.
'लिलो एंड स्टिच', 'जूटोपिया 2' जैसी हॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ा
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस जीत को पूरे देश के लिए गर्व का पल बताया. कंगना रनौत ने भी लक्ष्मीप्रिया की तारीफ की और कहा कि वो "मेड फॉर ग्रेटनेस" हैं. ये जीत 'लिलो एंड स्टिच', 'जूटोपिया 2' जैसी हॉलीवुड फिल्मों को हराकर आई, जो इसे और खास बनाती है. लक्ष्मीप्रिया देवी की ये सफलता नॉर्थईस्ट सिनेमा के लिए बड़ा ब्रेकथ्रू है. 'बूंग' ने साबित किया कि रीजनल स्टोरीज ग्लोबल स्तर पर कितनी ताकतवर हो सकती हैं.