मुंबई: अल्लू अर्जुन ने हाल ही में अल्लू सिनेमा लॉन्च किया है, जिसे हैदराबाद का पहला और भारत का सबसे बड़ा डॉल्बी सिनेमा बताया जा रहा है. इसका आधिकारिक उद्घाटन 12 मार्च को रेवंत रेड्डी की उपस्थिति में हुआ. हालांकि सिनेमाघर के अंदर बनी 'वॉल ऑफ ग्रेट्स' अब गलत कारणों से चर्चा में है.
भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को श्रद्धांजलि देते हुए बनाई गई इस 'वॉल ऑफ ग्रेट्स' में केवल पुरुष कलाकारों की तस्वीरें हैं, जिनमें नागार्जुन, पवन कल्याण, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, शाहरुख खान, यश, अनिल कपूर, फरहान अख्तर और कार्तिक आर्यन शामिल हैं, जबकि किसी भी महिला कलाकार को शामिल नहीं किया गया है.
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे पैट्रियार्की और मिसोजिनी का प्रतीक बताते हुए अल्लू अर्जुन पर जमकर निशाना साधा है. एक यूजर ने लिखा- 'कहीं कोई एक्ट्रेस नहीं दिख रही... यह इंडस्ट्री पैट्रियार्की की परिभाषा है.' दूसरे ने इसे 'शर्मनाक' और 'मिसोजिनिस्टिक' करार दिया. कई लोगों ने पूछा कि क्या भारतीय सिनेमा में सिर्फ पुरुष ही महान हैं? साउथ और बॉलीवुड दोनों की दिग्गज एक्ट्रेस जैसे श्रीदेवी, जो तेलुगु, तमिल, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में काम कर चुकी हैं, का नाम भी नहीं है.
अन्य यूजर्स ने कहा- 'न साउथ की एक्ट्रेस, न बॉलीवुड की... एक भी महिला का नाम नहीं. यह भारतीय सिनेमा को ट्रिब्यूट कैसे कहलाएगा?' वॉल पर नागार्जुन, पवन कल्याण, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, शाहरुख खान, यश, अनिल कपूर, फरहान अख्तर और कार्तिक आर्यन जैसे पुरुष सितारों की तस्वीरें हैं. वहीं एक अलग वॉल पर कुछ दिग्गज डायरेक्टर्स जैसे एसएस राजामौली, सुकुमार, त्रिविक्रम, मणिरत्नम, वेत्रिमारन, अतली, प्रशांत नील, ऋषभ शेट्टी, संजय लीला भंसाली आदि हैं, लेकिन यहां भी कई बड़े नाम जैसे शंकर, राम गोपाल वर्मा, पुरी जगन्नाथ गायब हैं, जिस पर भी अलग से बहस चल रही है.
यह विवाद अल्लू सिनेमाज के लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद उभरा है.एक पोर्टल ने वॉल की फोटो शेयर की, जिसके बाद कमेंट्स में आग लग गई. कुछ यूजर्स ने इसे अल्लू अर्जुन की पसंदीदा लिस्ट बताया, जबकि अन्य ने इंडस्ट्री में महिलाओं की उपेक्षा पर सवाल उठाए. अल्लू अर्जुन या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन यह घटना एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री में जेंडर बैलेंस और महिलाओं के योगदान को मान्यता देने की जरूरत पर सवाल खड़े कर रही है.