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अदनान सामी की मार्मिक कहानी, बोले- मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पाकिस्तान ने नहीं दिया था वीजा

अदनान सामी ने अपनी मां की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि भारत से अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें उनकी मां के अंतिम संस्कार के लिए पाकिस्तान जाने का वीजा नहीं दिया गया.

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Edited By: Mayank Tiwari
अदनान सामी की मार्मिक कहानी, बोले- मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पाकिस्तान ने नहीं दिया था वीजा
Courtesy: Social Media

भारतीय नागरिकता अपनाने वाले मशहूर गायक अदनान सामी, जिन्होंने 2016 में पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी, उन्होंने हाल ही में एक व्यक्तिगत त्रासदी का खुलासा किया. एक निजी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी मां नौरीन सामी खान के निधन के बाद पाकिस्तान सरकार ने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी, भले ही वहां उनका परिवार मौजूद था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगर अदनान सामी ने बताया कि उनकी मां का निधन कुछ महीने पहले हुआ और यह सभी के लिए एक अप्रत्याशित झटका था, क्योंकि वह किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ नहीं रही थीं. उन्होंने भारतीय और पाकिस्तानी सरकार से अंतिम संस्कार के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति मांगी थी.

मां के निधन का लगा तगड़ा सदमा

अदनान ने कहा, “मैंने यहां की सरकार से पूछा कि मैं जाना चाहता हूं, क्या आपको कोई आपत्ति है? उन्होंने कहा, ‘जाहिर है, आपकी मां का इंतकाल हुआ है, आपको जरूर जाना चाहिए.’ उनकी तरफ से कोई समस्या नहीं थी.”

पाकिस्तान ने वीजा देने से इनकार किया

हालांकि, जब अदनान ने पाकिस्तान में वीजा के लिए आवेदन किया, तो उनकी मांग ठुकरा दी गई. भावुक होते हुए उन्होंने बताया, “मैंने वीजा के लिए आवेदन किया, पर उन्होंने मना कर दिया. मैंने कहा, ‘मेरी मां का इंतकाल हुआ है.’ फिर भी उन्होंने इंकार कर दिया. मैं नहीं जा सका. मैंने उनका पूरा जनाजा व्हाट्सएप के वीडियो पर देखा.” यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं.

अदनान सामी का भारत से नाता

‘कभी तो नजर मिलाओ’, ‘तेरा चेहरा’ और ‘भर दो झोली’ जैसे गीतों के लिए मशहूर अदनान सामी 13 मार्च 2001 को एक साल की वैधता वाले विजिटर वीजा पर भारत आए थे. समय-समय पर उनका वीजा बढ़ाया गया. साल 2015 में उनका पाकिस्तानी पासपोर्ट समाप्त हो गया और पाकिस्तान सरकार ने इसे रिन्यू नहीं किया. इसके बाद, उन्होंने भारतीय सरकार से भारत में अपनी स्थिति को वैध करने का अनुरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 2016 में भारतीय नागरिकता मिली.