देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा अब कुछ ही दिनों दूर है. ऐसे में केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं. 12 जून को कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने NTA के महानिदेशक के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान परीक्षा की सुरक्षा, समन्वय और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव ने स्पष्ट किया कि NEET पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से आयोजित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर कोई समस्या उत्पन्न न हो. बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. सरकार का उद्देश्य यह है कि अभ्यर्थी बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल हो सकें और पूरी प्रक्रिया पर उनका भरोसा बना रहे.
डॉ. सोमनाथन ने परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा की निष्पक्षता या सुचारू संचालन को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है. यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक इकाइयों को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके.
NEET पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है. एक जून को कैबिनेट सचिव ने केंद्रीय मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इसके बाद चार जून को विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इन बैठकों का उद्देश्य सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और जमीनी स्तर पर तैयारियों का आकलन करना था. सरकार का कहना है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.