जहां विदेशी छात्रों की पढ़ाई है लगभग फ्री, जानिए जर्मनी का स्टूडेंट वीजा पाने का पूरा तरीका
बढ़ती फीस और सख्त इमिग्रेशन नियमों के बीच भारतीय छात्रों के लिए जर्मनी एक बड़ा विकल्प बनकर उभरा है. यहां सरकारी यूनिवर्सिटीज में विदेशी छात्रों से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती.
नई दिल्ली: विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए हाल के साल आसान नहीं रहे हैं. अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है, वहीं वीजा नियम भी सख्त होते जा रहे हैं. ऐसे में छात्र अब ऐसे देशों की तलाश कर रहे हैं, जहां कम खर्च में अच्छी डिग्री मिल सके और भविष्य के अवसर भी खुलें.
यूरोप का देश जर्मनी इस मामले में छात्रों की पहली पसंद बनता जा रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जर्मनी में इस समय 52 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और यह संख्या आगे बढ़ने की उम्मीद है. यहां की मुफ्त या बेहद कम लागत वाली शिक्षा और विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटीज छात्रों को आकर्षित कर रही हैं.
क्यों भारतीय छात्रों की पहली पसंद बन रहा है जर्मनी
जर्मनी को चुनने की सबसे बड़ी वजह यहां की सरकारी यूनिवर्सिटीज में लगभग मुफ्त पढ़ाई है. विदेशी छात्रों से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती, केवल सेमेस्टर या एडमिनिस्ट्रेटिव फीस देनी होती है. इसके अलावा टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, हाइडिलबर्ग यूनिवर्सिटी और बर्लिन यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान दुनिया में उच्च रैंकिंग रखते हैं.
जर्मनी में स्टूडेंट वीजा के प्रकार क्या हैं
जर्मनी में मुख्य रूप से दो तरह के स्टूडेंट वीजा दिए जाते हैं. पहला Visum Zu Studienzwecken, जो उन छात्रों को मिलता है जिन्हें यूनिवर्सिटी से एडमिशन मिल चुका है. दूसरा Visum Zur Studienbewerbung, जो एडमिशन के लिए आवेदन कर चुके छात्रों को दिया जाता है. दोनों ही नेशनल वीजा की श्रेणी में आते हैं.
स्टूडेंट वीजा की फीस और प्रोसेसिंग समय
जर्मनी के स्टूडेंट वीजा की सामान्य फीस 75 यूरो है, हालांकि कुछ मामलों में यह माफ भी की जा सकती है. वीजा प्रोसेसिंग में कई महीने लग सकते हैं. इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे कोर्स शुरू होने से काफी पहले वीजा के लिए आवेदन कर दें, ताकि किसी तरह की देरी न हो.
वीजा के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है
स्टूडेंट वीजा के लिए वैध पासपोर्ट, हेल्थ इंश्योरेंस, पढ़ाई के खर्च के लिए पर्याप्त फंड का प्रमाण और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जरूरी होते हैं. इसके साथ ही भाषा दक्षता का सबूत और यूनिवर्सिटी से मिला एडमिशन लेटर भी मांगा जाता है. कुछ मामलों में सीवी और लेटर ऑफ मोटिवेशन भी देना पड़ता है.
समय पर तैयारी से आसान हो जाता है रास्ता
जर्मनी में पढ़ाई का सपना सही योजना और समय पर तैयारी से पूरा किया जा सकता है. सही यूनिवर्सिटी का चयन, दस्तावेजों की पूरी तैयारी और समय से वीजा आवेदन छात्रों को परेशानी से बचाता है. कम खर्च में उच्च शिक्षा पाने का यह अवसर भारतीय छात्रों के लिए नए रास्ते खोल रहा है.