CBSE ने किया बड़ा बदलाव, अब बच्चों को परीक्षा पास करने के लिए करना होगा यह काम

CBSE ने कक्षा 3, 5 और 8 के लिए SAFAL ऑनलाइन मूल्यांकन शुरू किया है, जिससे बच्चों की बुनियादी समझ और सोचने की क्षमता का पता चलेगा. अब पढ़ाई सिर्फ रटने तक सीमित नहीं रहेगी.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पढ़ाई और परीक्षा के तरीके में बड़ा बदलाव किया है. अब बच्चों को सिर्फ रटकर पास होने की पुरानी आदत नहीं चलेगी. बोर्ड NEP 2020 के तहत नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च करने वाला है, जो बच्चों की असली समझ और ज्ञान के उपयोग को परखेगा. इसका मकसद 21वीं सदी की स्किल्स के लिए छात्रों को तैयार करना है, ताकि वे सिर्फ याद करने के बजाय सोच-विचार और समस्या सुलझाने में सक्षम बनें.

नई पहल SAFAL (Structured Assessment for Analysing Learning) के तहत कक्षा 3, 5 और 8 के बच्चों का मूल्यांकन होगा. यह मूल्यांकन बच्चों की बुनियादी समझ, सोचने की क्षमता और ज्ञान के वास्तविक जीवन में उपयोग को जांचेगा. इससे स्कूलों को बच्चों की कमजोरियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी और वे पढ़ाई के तरीके में बदलाव कर सकते हैं. अब परीक्षा सिर्फ डर का कारण नहीं, बल्कि सीखने का अहम हिस्सा बनेगी.

SAFAL क्या है?

SAFAL एक ऑनलाइन मूल्यांकन प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद बच्चों की मूल बातें, ज्ञान का सही उपयोग और सोचने की क्षमता परखना है. यह बच्चों की तरक्की का वास्तविक डेटा देगा, जिससे स्कूल और शिक्षक उनकी मदद कर सकेंगे.

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

CBSE ने NEP 2020 की सिफारिश के अनुसार परीक्षा को योग्यता आधारित बनाया है. अब याद करने पर नहीं, बल्कि समझ और क्षमता पर फोकस होगा. इससे बच्चों की वास्तविक सीखने की प्रक्रिया मजबूत होगी और भविष्य में स्किल्स के लिए तैयार होंगे.

कैसे होगा मूल्यांकन?

यह आकलन पूरी तरह ऑनलाइन होगा. रिपोर्ट से स्कूल बच्चों की कमजोरियों और ताकत को समझकर पढ़ाई के तरीके में सुधार कर सकेंगे. AI तकनीक भी भविष्य में बच्चों की प्रगति पर नजर रखेगी और सही करियर मार्गदर्शन में मदद करेगी.

बच्चों और शिक्षकों के लिए फायदे

  • बच्चों की वास्तविक समझ का पता चलेगा.
  • कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा.
  • माता-पिता को बच्चों की प्रगति की सही जानकारी मिलेगी.
  • शिक्षकों के लिए पढ़ाई में रणनीति सुधारना आसान होगा.