नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक अहम कदम उठाया है. 13 जनवरी 2026 को जारी एक सलाह में सीबीएसई ने कक्षा 10 और 12 के छात्रों को फर्जी और गैर-मान्यता प्राप्त कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने से सावधान किया है. यह निर्देश सभी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों को भेजा गया है. बोर्ड का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही छात्रों के पूरे करियर को नुकसान पहुंचा सकती है.
सीबीएसई के अनुसार हर साल बड़ी संख्या में छात्र अनजाने में ऐसे संस्थानों में दाखिला ले लेते हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मान्यता नहीं होती. इन संस्थानों से मिली डिग्री कानूनी रूप से मान्य नहीं होती. इसका सीधा असर छात्र की आगे की पढ़ाई, नौकरी और पेशेवर भविष्य पर पड़ता है. इसी समस्या को रोकने के लिए बोर्ड ने समय रहते यह चेतावनी जारी की है.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग समय-समय पर फर्जी और गैर-मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची जारी करता है. यह सूची यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है. सीबीएसई ने साफ कहा है कि छात्रों को केवल उसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में आवेदन करना चाहिए, जिसका नाम यूजीसी की मान्यता सूची में शामिल हो. इससे छात्रों को गलत संस्थानों में फंसने से बचाया जा सकता है.
सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कक्षा 10 और 12 के छात्रों को फर्जी विश्वविद्यालयों के खतरे के बारे में समझाएं. स्कूलों से कहा गया है कि वे अभिभावकों और छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सही मार्गदर्शन दें. इसके अलावा स्कूलों को यह सलाह भी दी गई है कि वे नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर इस सूचना को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें.
बोर्ड ने छात्रों को सख्त सलाह दी है कि वे किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में आवेदन करने से पहले उसकी मान्यता की जांच जरूर करें. छात्रों को यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.ugc.ac.in पर जाकर संस्थान की स्थिति सत्यापित करनी चाहिए. केवल यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में ही दाखिला लेने पर जोर दिया गया है.
सीबीएसई ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों के प्रवेश से जुड़े फैसलों में सतर्क रहें. बोर्ड का कहना है कि सही समय पर दी गई जानकारी और जागरूकता छात्रों को लंबे समय के शैक्षणिक नुकसान से बचा सकती है. स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे पैरेंट टीचर मीटिंग के दौरान इस विषय पर चर्चा करें ताकि कोई छात्र फर्जी संस्थान का शिकार न बने.