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शेयर बाजार में पैसा डूबने का लगता है डर? ये हैं निवेश के सबसे शानदार ऑप्शंस

शेयर बाजार की गिरावट के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी है. डेट फंड, लिक्विड फंड, एनसीडी और सरकारी बॉन्ड जैसे विकल्प निवेशकों को स्थिर रिटर्न और कम जोखिम के साथ बेहतर सुरक्षा देते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
शेयर बाजार में पैसा डूबने का लगता है डर? ये हैं निवेश के सबसे शानदार ऑप्शंस
Courtesy: pinterest

हाल के दिनों में शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया है. तेजी के दौर में तेजी से पैसा कमाने की उम्मीद रखने वाले कई लोगों को अब नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे माहौल में निवेशक अब सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जहां पूंजी सुरक्षित रहे और स्थिर रिटर्न भी मिले. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि समझदारी इसी में है कि जोखिम कम रखते हुए निवेश के बेहतर विकल्प चुने जाएं.

एफडी से आगे के विकल्प

भारत में अधिकतर लोग सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई विकल्प मौजूद हैं. डेट म्यूचुअल फंड एक ऐसा ही विकल्प है, जो निवेश को शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर रखता है. इसमें पैसा सरकारी बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड में लगाया जाता है, जिससे जोखिम कम रहता है और रिटर्न अपेक्षाकृत स्थिर मिलता है.

कम समय के लिए बेहतर विकल्प

अगर कोई निवेशक कम अवधि के लिए पैसा सुरक्षित रखना चाहता है, तो लिक्विड फंड या शॉर्ट ड्यूरेशन फंड एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि जरूरत पड़ने पर निवेशक आसानी से पैसा निकाल सकता है. यह सुविधा उन्हें आपातकालीन स्थिति में भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखती है.

नियमित आय का साधन

नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCD भी सुरक्षित निवेश का एक भरोसेमंद विकल्प माने जाते हैं. इसमें कंपनियां निवेशकों से पैसा लेकर तय ब्याज देती हैं. निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग अवधि के विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि इसमें निवेश करते समय कंपनी की क्रेडिट रेटिंग पर ध्यान देना जरूरी होता है.

सरकारी बॉन्ड्स की सुरक्षा

सरकारी बॉन्ड्स को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है. अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आम निवेशक भी आसानी से इनमें पैसा लगा सकते हैं. इन बॉन्ड्स पर सरकार की गारंटी होती है, जिससे निवेशकों को जोखिम कम और भरोसा ज्यादा मिलता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश को अलग-अलग साधनों में बांटना सबसे समझदारी भरा कदम होता है.