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क्या UPI पेमेंट पर लगेगा नया चार्ज? वित्त मंत्री ने साफ कर दी पूरी तस्वीर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यूपीआई पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय संसद में विधेयक पारित होने के बाद ही लिया जाएगा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
क्या UPI पेमेंट पर लगेगा नया चार्ज? वित्त मंत्री ने साफ कर दी पूरी तस्वीर
Courtesy: Social Media

यूपीआई भुगतान पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट एमडीआर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि बैंक और फिनटेक कंपनियां बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा सकें.

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त बोझ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट केवल व्यापारियों से जुड़ा विषय है और इसका असर सीधे ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. उनके अनुसार, इस व्यवस्था से बैंक और फिनटेक कंपनियों को भुगतान प्रणाली के बुनियादी ढांचे, नई तकनीक और साइबर सुरक्षा में निवेश करने का अवसर मिलेगा, जिसका लाभ अंततः यूपीआई उपयोगकर्ताओं को ही मिलेगा.

विधेयक पारित होने के बाद होगी समीक्षा

सीतारमण ने बताया कि अभी तक यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज विधेयक 2026’ पारित होने के बाद ही एनपीसीआई की अगुवाई वाली यूपीआई एवं सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी इस विषय पर विचार करेगी. प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार को यह अधिकार देगा कि वह तय करे कि कौन-से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम पूरी तरह निःशुल्क बने रहेंगे.

विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एमडीआर का बोझ अंततः आम लोगों पर पड़ेगा. वित्त मंत्री ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि संसद की कार्यवाही बाधित न होती, तो इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा संभव थी और कई भ्रम पहले ही दूर हो जाते.

डिजिटल भुगतान को मजबूत करने की तैयारी

सरकार का कहना है कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य फिलहाल किसी नए शुल्क को लागू करना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए कानूनी ढांचा तैयार करना है. वर्तमान में यूपीआई और रुपे कार्ड पर शून्य एमडीआर व्यवस्था लागू है. यदि भविष्य में किसी बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है, तो सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय ले सकेगी. सरकार का जोर डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुरक्षित, टिकाऊ और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने पर है.