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India Daily

'अब अमेरिका भारत से बहुत पैसे कमाएगा', ट्रंप के बयान के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उठने लगे सवाल

ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बयान दिया है. उनका कहना है कि अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर फायदा उठाया है. हालांकि उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की और दोनों देश आपसी हितों व फायदों के आधार पर जल्द ही नया व्यापार समझौता कर सकते हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'अब अमेरिका भारत से बहुत पैसे कमाएगा', ट्रंप के बयान के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उठने लगे सवाल
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को लेकर कुछ ऐसे तीखे बयान दिए हैं जिसने दोनों देशों के बाजारों में हलचल मचा दी है. ट्रंप का कहना है कि पिछले कई सालों से भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर इस व्यापार का सबसे ज्यादा फायदा उठाया है. उन्होंने साफ तौर पर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत पहले इस पर इतना ज्यादा टैक्स वसूलता था कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में टिकना मुश्किल हो जाता था.

भारत से बहुत ज्यादा कमाई करेगा अमेरिका

ट्रंप के अनुसार अब पासा पलटने वाला है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में अमेरिका, भारत से बहुत ज्यादा कमाई करने जा रहा है और नए ट्रेड एग्रीमेंट से अमेरिका की स्थिति काफी मजबूत होगी. हालांकि इन कड़वे बयानों के बीच उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना एक बेहतरीन दोस्त बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच निजी रिश्ते बहुत मजबूत हैं जिससे दोनों देशों के संबंध हमेशा सकारात्मक बने रहेंगे.

ट्रंप के बयान पर क्या बोले जानकार

ट्रंप के इस बयान के बाद एक्सपर्ट्स के बीच बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे सिर्फ अमेरिका की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं जबकि अन्य जानकारों का मानना है कि इंटरनेशनल बिजनेस कभी भी एकतरफा नहीं होता इसमें दोनों देशों का फायदा होना जरूरी है.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी व्यापारिक दल ने भारत का दौरा किया था और दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सकारात्मक बातचीत हुई है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि दोनों देश जल्द से जल्द इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बचे हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. कुल मिलाकर जब तक इस समझौते की आखिरी रूपरेखा सामने नहीं आती तब तक दोनों देशों के निवेशक और कंपनियां इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.