नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को लेकर कुछ ऐसे तीखे बयान दिए हैं जिसने दोनों देशों के बाजारों में हलचल मचा दी है. ट्रंप का कहना है कि पिछले कई सालों से भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर इस व्यापार का सबसे ज्यादा फायदा उठाया है. उन्होंने साफ तौर पर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत पहले इस पर इतना ज्यादा टैक्स वसूलता था कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में टिकना मुश्किल हो जाता था.
ट्रंप के अनुसार अब पासा पलटने वाला है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में अमेरिका, भारत से बहुत ज्यादा कमाई करने जा रहा है और नए ट्रेड एग्रीमेंट से अमेरिका की स्थिति काफी मजबूत होगी. हालांकि इन कड़वे बयानों के बीच उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना एक बेहतरीन दोस्त बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच निजी रिश्ते बहुत मजबूत हैं जिससे दोनों देशों के संबंध हमेशा सकारात्मक बने रहेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान
"सालों तक, भारत ने अमेरिका का बहुत फ़ायदा उठाया। उन्होंने हमसे बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगाए और हमें कुछ नहीं दिया, हार्ले डेविडसन पर 200% टैरिफ़ लगाया… लेकिन ये मुझसे पहले की बात थी। अब इसका उल्टा होगा। अब हम भारत से बहुत पैसा कमाएँगे”
इतना… pic.twitter.com/9k8w7zXmRl— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) June 5, 2026Also Read
ट्रंप के इस बयान के बाद एक्सपर्ट्स के बीच बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे सिर्फ अमेरिका की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं जबकि अन्य जानकारों का मानना है कि इंटरनेशनल बिजनेस कभी भी एकतरफा नहीं होता इसमें दोनों देशों का फायदा होना जरूरी है.
सवाल : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि पहले भारत अमेरिका से बहुत टैक्स लेता था, अब अमेरिका भारत
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) June 5, 2026
से बहुत पैसे कमाएगा। सवाल है कि भारत
और अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील होने जा रही है क्या ट्रंप उसे सही तौर पर define कर रहे हैं या किसी तरह से distort कर रहे हैं?
विदेश मंत्रालय… https://t.co/ep9hxokeXH pic.twitter.com/tgTFn1ELLF
इस पूरे मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी व्यापारिक दल ने भारत का दौरा किया था और दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सकारात्मक बातचीत हुई है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि दोनों देश जल्द से जल्द इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बचे हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. कुल मिलाकर जब तक इस समझौते की आखिरी रूपरेखा सामने नहीं आती तब तक दोनों देशों के निवेशक और कंपनियां इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.