भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबार निवेशकों के लिए शानदार रहा. दिन की शुरुआत भले ही सुस्त रही, लेकिन आखिरी कारोबारी घंटे में बाजार ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली. सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल आया और देखते ही देखते दोनों प्रमुख इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए. इस तेजी का सीधा फायदा शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों को मिला और उनकी कुल संपत्ति में करीब 4.15 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.
मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स 71,951 के स्तर पर खुला था. कारोबार के शुरुआती हिस्से में बाजार में ज्यादा तेजी नहीं दिखी, लेकिन दोपहर बाद माहौल बदल गया. करीब ढाई बजे सेंसेक्स 72,600 के आसपास कारोबार कर रहा था. इसके बाद खरीदारी बढ़ी और इंडेक्स तेजी से ऊपर जाने लगा. कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स 1,109 अंक यानी 1.54 फीसदी की बढ़त के साथ 73,033.78 के स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान इंडेक्स ने 73,000 का अहम स्तर भी पार कर लिया.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मंगलवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ. इंडेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 22,363 के स्तर के मुकाबले 22,364 पर लगभग सपाट खुला था. हालांकि, कारोबार के आखिरी हिस्से में इसमें भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. दिन के अंत में निफ्टी 358 अंक यानी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721.95 के स्तर पर बंद हुआ. इस तरह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दिन के कारोबार में शानदार वापसी दर्ज की.
बाजार में आई इस तेजी का असर निवेशकों की कुल दौलत पर भी साफ दिखाई दिया. बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप मंगलवार को बढ़कर 4,70,07,567.40 करोड़ रुपये हो गया. इससे पिछले कारोबारी दिन यह आंकड़ा 4,65,91,974.21 करोड़ रुपये था.
यानी एक कारोबारी दिन में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 4,15,593 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. यही वजह है कि मंगलवार की तेजी को निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है.
अब सवाल है कि जब बाजार दिन के ज्यादातर हिस्से में सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था तो आखिरी घंटे में अचानक इतनी तेजी क्यों आई. इसके पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की LTCG यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को लेकर की गई टिप्पणी को अहम वजह माना गया.
एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार LTCG से जुड़े मौजूदा फ्रेमवर्क को लेकर निवेशकों की चिंताओं और उनकी प्रतिक्रियाओं को सुनने के लिए तैयार है. बाजार में इस बयान को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा गया.
शेयर बाजार के निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट लंबे समय से कैपिटल गेन टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग करते रहे हैं. खासकर बजट से पहले इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो जाती है. बजट 2024 में इक्विटी निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दर बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दी गई थी.
इसके बाद बाजार के एक वर्ग की ओर से इस टैक्स व्यवस्था की समीक्षा करने या इसमें राहत देने की मांग उठती रही है. ऐसे में वित्त मंत्री की टिप्पणी को निवेशकों के लिए उम्मीद बढ़ाने वाला संकेत माना गया. इसी के बीच बाजार में खरीदारी तेज हुई और सेंसेक्स-निफ्टी ने कारोबार के अंतिम हिस्से में जोरदार छलांग लगा दी.