शेयर बाजार में फिर मचा हाहाकार! सेंसेक्स 813 अंक टूटा, निफ्टी 23,450 के नीचे
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट आई. सेंसेक्स 813 अंक टूटकर 74,764 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 203 अंक गिरकर 23,431 पर पहुंच गया. महंगा कच्चा तेल और आईटी शेयरों में बिकवाली प्रमुख वजह रहे.
मुंबई: वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ी. इसके साथ विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आईटी शेयरों में दबाव ने सेंसेक्स और निफ्टी को नीचे खींच लिया.
सेंसेक्स 813 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला
बुधवार यानी 9 सितंबर को बाजार में चौतरफा दबाव देखने को मिला. सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,764.23 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 203.60 अंक यानी 0.86 प्रतिशत गिरकर 23,431.50 पर आ गया. कारोबार के दौरान 1,805 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,382 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई और 173 शेयर बिना बदलाव बंद हुए. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.4 और मिडकैप 100 में 0.6 प्रतिशत की कमजोरी रही.
100 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत शामिल रही. ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था. भारत के लिए महंगा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ सकती है. साथ ही रुपये पर दबाव और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं.
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विदेशी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेत
घरेलू बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी असर पड़ा. 8 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 123.19 करोड़ रुपये की निकासी की. दूसरी ओर एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग कमजोर रहे. अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए. बाजार में बढ़ी अनिश्चितता का अंदाजा India VIX से भी लगा, जो 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 11.72 पर पहुंच गया.
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
बाजार की गिरावट को आईटी शेयरों में आई तेज बिकवाली ने और बढ़ाया. आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत टूट गया. कॉफोर्ज का शेयर लगभग 6 प्रतिशत गिरा. कंपनी के चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट के इस्तीफे की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा. इस बीच रुपये में भी कमजोरी आई और वह डॉलर के मुकाबले 21 पैसे गिरकर 94.95 पर पहुंच गया. हालांकि ग्रेफाइट इंडिया का शेयर 13 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा और करीब आठ साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया.
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से है. इसे निवेश की सलाह या किसी शेयर को खरीदने-बेचने की सिफारिश न समझें. निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निर्णय लें.