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India Daily

शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1641, निफ्टी 477 अंक टूटा; जानें बाजार में क्यों मची तबाही

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. बीएसई का सूचकांक सेंसेक्स 1600 और निफ्टी करीब 500 अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1641, निफ्टी 477 अंक टूटा; जानें बाजार में क्यों मची तबाही
Courtesy: pinterest

भारतीय शेयर बाजार में 27 मार्च को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. वैश्विक बाजारों में कमजोरी, ईरान युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार पर दबाव बनाया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए. इसके साथ ही रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने हालात को और कमजोर कर दिया.

मुनाफावसूली से बढ़ा दबाव

हाल के दो सत्रों में बाजार में तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार पर व्यापक असर पड़ा. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई. प्रमुख शेयरों में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर खासतौर पर दबाव में रहे, जिससे सूचकांकों की गिरावट और तेज हो गई.

वैश्विक हालात से बिगड़ा माहौल

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक बाजारों को कमजोर कर दिया. युद्ध खत्म होने की उम्मीदें कम होने से निवेशकों में डर बढ़ा. अमेरिकी बाजारों में गिरावट और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा. इसके चलते निवेशकों ने जोखिम लेने से दूरी बना ली.

कच्चे तेल की कीमतों का असर

कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहने से बाजार पर दबाव बना हुआ है. तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ने की आशंका है, जिससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. हालांकि कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की नरमी दिखी, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है.

रुपये में कमजोरी और बढ़ी चिंता

डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर नए निचले स्तर पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और महंगे तेल ने रुपये पर दबाव बढ़ाया. साथ ही, बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक भी बढ़ा, जो निकट भविष्य में अस्थिरता के संकेत देता है.