विदेशी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 400 अंक उछला; निफ्टी 23950 के पार
घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ा और निफ्टी 23,950 के ऊपर पहुंच गया. विदेशी निवेश कमजोर तेल कीमतों और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.
मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार जारी रखा. सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़कर 76,668 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 23,950 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया. वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया. इसके साथ ही भू-राजनीतिक तनाव कम होने और रुपये में मजबूती आने से निवेशकों का रुझान इक्विटी बाजार की ओर बढ़ा है.
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
भारतीय शेयर बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी माना जा रहा है. ब्रेंट क्रूड 82.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है. कम तेल कीमतों से महंगाई, चालू खाता घाटा और आयात लागत पर दबाव कम हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट मुनाफे दोनों को फायदा मिलेगा. इसी उम्मीद ने निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया.
वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की वापसी
एशियाई बाजारों में अधिकांश प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार करते दिखाई दिए जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछला सत्र शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे. इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया. खास बात यह रही कि लगातार 13 कारोबारी सत्रों तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक फिर से खरीदार बने. सोमवार को उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध खरीदारी की. विदेशी पूंजी का यह रुख बाजार में भरोसा बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
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तनाव में कमी और घटता VIX बढ़ा रहे भरोसा
अमेरिका और ईरान के बीच ऊर्जा आपूर्ति मार्ग को लेकर बनी सहमति ने वैश्विक निवेशकों की चिंता कम की है. इससे तेल और गैस आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जगी है. दूसरी ओर भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है. बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 13.60 पर आ गया जो निवेशकों के बीच घटती चिंता का संकेत है. कम अस्थिरता और मजबूत वैश्विक माहौल ने बाजार में सकारात्मक धारणा को और मजबूत किया है.