भारतीय शेयर बाजार ने हालिया भारी गिरावट के बाद मजबूत वापसी का संकेत दिया है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से लौटता नजर आया. गुरुवार को बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर खरीदारी का मौका देखा. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी राहत ने भी बाजार को सहारा देने का काम किया.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को सबसे बड़ा सहारा दिया. ब्रेंट क्रूड, जो पहले 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, अब घटकर करीब 107 डॉलर पर आ गया है. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद कीमतों में आई इस नरमी से निवेशकों की चिंता कम हुई है. खासतौर पर यह संकेत कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले रुक सकते हैं, वैश्विक बाजारों के लिए राहत लेकर आया है. इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला.
गुरुवार को बाजार में आई तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के बाद निवेशकों ने इसे खरीदारी के मौके के रूप में देखा. कई मजबूत कंपनियों के शेयर सस्ते दाम पर उपलब्ध थे, जिससे वैल्यू बाइंग को बढ़ावा मिला. तकनीकी रूप से भी निफ्टी का 23,000 के स्तर के आसपास टिके रहना एक सकारात्मक संकेत माना गया. यही कारण रहा कि शुक्रवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने सक्रियता दिखाई और सूचकांकों में तेजी देखने को मिली.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक रहे. हालांकि अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन दिन के निचले स्तर से उन्होंने अच्छी रिकवरी दिखाई. इसके पीछे यह भरोसा रहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और नहीं बढ़ेगा. साथ ही, बड़े सैन्य कदमों से बचने के संकेतों ने निवेशकों की घबराहट कम की. इन संकेतों ने एशियाई बाजारों को भी मजबूती दी, जिसका असर भारत में साफ दिखा.
सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 700 से अधिक अंकों की तेजी के साथ 74,900 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,300 के करीब कारोबार करता नजर आया. यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है. हालांकि विशेषज्ञ अभी भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि वैश्विक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हैं. फिर भी फिलहाल बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है.