मुंबई: शेयर बाजार में आज जोरदार गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 350 अंक टूटकर 77,983 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 0.72 प्रतिशत गिरकर 24,202 पर बंद हुआ. मुख्य वजह अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है, जो 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 0.68 प्रतिशत और निफ्टी 0.72 प्रतिशत नीचे आया. निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की अनिश्चितता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से चिंतित हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत चार सत्रों से लगातार बढ़ रही है.
बाजार गिरने के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण ब्रेंट क्रूड का 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाना है. ईरान द्वारा दो जहाज जब्त करने और शांति वार्ता शुरू न होने से तेल की कीमतों में उछाल आया है. इसके अलावा एशियाई बाजारों में 1 प्रतिशत की गिरावट और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में 0.75 प्रतिशत की नरमी ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया.
डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे सत्र में गिरा और 94.12 के स्तर पर पहुंच गया. तेल की महंगाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपए पर दबाव बढ़ा है. पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की, जिससे बाजार में और कमजोरी आई.
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. बुधवार को ही FII ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की. घरेलू शेयरों में भारी बिकवाली और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी बाजार को नुकसान पहुंचाया. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा कि 24,340 के आसपास गिरावट रोकी गई थी, लेकिन रिकवरी के पर्याप्त संकेत नहीं मिले. आज 24,150 से 23,980 के स्तर टेस्ट हो सकते हैं. 24,500 के ऊपर निकलने पर ही बाजार में मजबूती के संकेत मिलेंगे.