गुरुवार सुबह मुंबई शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली का दौर शुरू हुआ. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर से ऊपर चली गई, जिससे वैश्विक स्तर पर डर फैल गया. सेंसेक्स 494 अंक गिरकर 76,369 पर खुला जबकि निफ्टी 192 अंक टूटकर 23,674 पर पहुंचा. पिछली बंद भाव से यह काफी कमजोर शुरुआत रही. मिडकैप में थोड़ी मजबूती दिखी लेकिन स्मॉलकैप भी लाल निशान में रहा. एशियाई बाजार भी भारी गिरावट में कारोबार कर रहे हैं.
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर खुले. इंडिगो सबसे ज्यादा 3.48 फीसदी टूटा. आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 23,866 से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार में कमजोर रहा. बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक दिखी, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ रही है.
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि जब तक बाजार 24,000/77,500 के नीचे है, कमजोर माहौल बना रहेगा. नीचे की तरफ 23,700/76,300 तक सपोर्ट टेस्ट हो सकता है. और गिरावट में 23,600-23,550/76,000-75,800 तक जा सकता है. ऊपर 24,000/77,500 के पार जाने पर 24,150/78,000 तक उछाल आ सकता है.
गिफ्ट निफ्टी ने भी नकारात्मक संकेत दिए और 23,856 पर कारोबार दिखाया. 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 6,267 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जो लगातार नौवां दिन था. घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मजबूती दिखाई और 4,965 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इससे बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन कुल मिलाकर दबाव बना रहा.
एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट का सिलसिला जारी है. जापान का निक्केई 2.22 फीसदी टूटा, हांगकांग का हैंग सेंग में भी भारी गिरावट आई. दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का एसएसई कम्पोजिट दोनों लाल में कारोबार कर रहे हैं. क्रूड की ऊंची कीमतों ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया है.