नौकरी नहीं करते फिर भी किराए पर मिल सकती है टैक्स में छूट? ITR भरने से पहले जान लें ये छिपा हुआ नियम

धारा 80GG के तहत बिना HRA या मकान किराया भत्ता वाले फ्रीलांसर और स्वरोजगार लोग भी किराए पर टैक्स छूट पा सकते हैं. इसके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था और फॉर्म 10BA भरना अनिवार्य है.

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Kuldeep Sharma

किराए के मकान में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों को तो टैक्स में छूट मिल ही जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना नौकरी के भी आप अपने भारी-भरकम किराए पर टैक्स बचा सकते हैं? जी हां अगर आप फ्रीलांसर, कंसलटेंट, यूट्यूबर, डॉक्टर, वकील या छोटे बिजनेस ओनर हैं तो आपके लिए भी सरकार ने टैक्स छूट का एक खास रास्ता बना रखा है. अक्सर लोगों को लगता है कि टैक्स में मकान किराए की छूट सिर्फ सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को ही मिलती है लेकिन यह पूरा सच नहीं है.

किस धारा के तहत मिलती है राहत

आयकर अधिनियम की धारा 80GG के तहत उन लोगों को टैक्स में राहत दी जाती है जो किराए के घर में रहते हैं लेकिन उन्हें किसी कंपनी से HRA नहीं मिलता. हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह फायदा सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वालों को ही मिलेगा नई टैक्स व्यवस्था अपनाने वाले इस छूट का दावा नहीं कर सकते. इसका लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.

क्या हैं शर्तें?

पहली शर्त यह है कि आपको किसी भी एम्पलोयर से HRA न मिलता हो. दूसरी शर्त यह है कि आप सचमुच उस रेसीडेंटल प्रोपर्टी का किराया चुका रहे हों जिसमें आप रह रहे हैं. इसके अलावा आपके, आपके लाइफ पार्टनर, नाबालिग बच्चे या आपके हिंदू अविभाजित परिवार के नाम पर उस शहर में कोई अपना मकान नहीं होना चाहिए जहां आप रहते हैं या काम करते हैं.

टैक्स छूट का दावा करने के लिए फॉर्म 10BA भरना बेहद जरूरी है. यह एक तरह का घोषणा-पत्र होता है जिसके बिना आपका क्लेम खारिज हो सकता है. धारा 80GG के तहत मिलने वाली छूट की एक सीमा तय है. इसकी गणना इन तीन राशियों में से जो भी सबसे कम होगी उसके आधार पर की जाती है. 

1. 5000 प्रति महीना यानी 60 हजार रुपये सालाना

2. आपकी कुल आय का 25%

3. चुकाया गया वास्तविक किराया कुल आय का 10%

उदाहरण के लिए भले ही आप सालभर में कितना भी ज्यादा किराया देते हों लेकिन अधिकतम छूट 60 हजार रुपये सालाना तक ही सीमित हो सकती है. इस लाभ को पाने के लिए रेंट एग्रीमेंट, किराए की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और अगर सालाना किराया 1 लाख रुपये से ज्यादा है तो मकान मालिक का पैन कार्ड जैसे दस्तावेज संभालकर रखें. सही तरीके से फॉर्म 10BA भरकर आप अपनी टैक्स देनदारी को काफी कम कर सकते हैं.