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India Daily

वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिला अमेरिकी 'जनरल लाइसेंस', क्रूड लागत में होगी भारी बचत

रिलायंस इंडस्ट्रीज को अमेरिका से वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने के लिए जनरल लाइसेंस मिल गया है. इससे कंपनी की क्रूड लागत कम होगी और रूस पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी. यह एक बड़ी वैश्विक सफलता है.

Kanhaiya Kumar Jha
वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिला अमेरिकी 'जनरल लाइसेंस', क्रूड लागत में होगी भारी बचत
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने रिलायंस को वेनेजुएला से सीधे कच्चा तेल खरीदने और उसे बेचने के लिए 'जनरल लाइसेंस' प्रदान कर दिया है. यह अनुमति ऐसे समय में मिली है जब अमेरिका वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र पर लगी पाबंदियों में ढील दे रहा है. इस कदम से रिलायंस को दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार तक आसान पहुंच मिलेगी.

रिलायंस को मिले इस विशेष लाइसेंस का अर्थ है कि कंपनी अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना वेनेजुएला से सीधे तेल का आयात कर सकेगी. इससे न केवल कंपनी की कच्चे तेल की लागत (Crude Cost) में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि वह इस तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच भी पाएगी. रिलायंस के पास दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है, जो जटिल और भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने के लिए एक आधुनिक ढांचा प्रदान करता है. 

रूसी तेल की तुलना में बचत 

बाजार के सूत्रों के मुताबिक, वेनेजुएला से सीधे तेल खरीदने पर रिलायंस को रूस के तेल की तुलना में कहीं अधिक बचत होगी. वेनेजुएला का तेल फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता उपलब्ध है. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में भारत पर लगे 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को हटाने के निर्णय ने भी इस दिशा में मदद की है. अब रिलायंस के लिए वेनेजुएला का तेल आयात करना आर्थिक रूप से एक लाभदायक प्रभार साबित होगा.

वेनेजुएला में ऊर्जा क्षेत्र का बदलाव 

अमेरिका वेनेजुएला की ऊर्जा इंडस्ट्री के पुनर्गठन के लिए 100 अरब डॉलर की एक विशाल योजना पर काम कर रहा है. हाल ही में वहां के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच 2 अरब डॉलर की ऑयल सप्लाई डील के लिए पाबंदियों में राहत देने की बात कही है. यह पुनर्गठन योजना वेनेजुएला के तेल उत्पादन को फिर से पटरी पर लाएगी, जिससे रिलायंस जैसी बड़ी रिफाइनिंग कंपनियों को नियमित और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित होगी.

रिलायंस की विशाल रिफाइनिंग क्षमता 

रिलायंस इंडस्ट्रीज की दो प्रमुख रिफाइनरियों में रोजाना 14 लाख बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करने की ताकत है. पिछले साल की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रिलायंस ने वेनेजुएला से तेल लेना बंद कर दिया था, लेकिन जनवरी में लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद अब उसे सफलता मिली है. इस महीने कंपनी ने ट्रेडर विटोल से 20 लाख बैरल तेल पहले ही खरीदा है. यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चले, इसके लिए कंपनी ने सख्त नियम बनाए हैं.

वैश्विक तेल व्यापार में नया समीकरण 

भारत और अमेरिका के बीच हालिया ट्रेड डील के बाद यह माना जा रहा है कि भारतीय कंपनियां अब रूस से तेल की खरीदारी में कटौती कर सकती हैं. वेनेजुएला से सस्ता तेल मिलना रिलायंस के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा. यह समझौता सिद्ध करता है कि रिलायंस अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक विकल्पों का बेहतरीन उपयोग कर रही है. इससे कंपनी के मार्जिन में सुधार होगा और वैश्विक बाजार में उसकी धाक और अधिक मजबूती से स्थापित होगी.