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कागज के नोटों की होगी छुट्टी? जल्द आपकी जेब में आएंगे प्लास्टिक नोट, RBI गवर्नर ने दिया बड़ा अपडेट

RBI जल्द भारत में टिकाऊ प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट ला सकता है. फिलहाल इनका ट्रायल जारी है. अगर टेस्ट सफल रहा, तो अगले वित्त वर्ष से 10 और 20 जैसे छोटे नोट कागजी नोटों के साथ चलने लगेंगे.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कागज के नोटों की होगी छुट्टी? जल्द आपकी जेब में आएंगे प्लास्टिक नोट, RBI गवर्नर ने दिया बड़ा अपडेट
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: भारत में जल्द ही कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक यानी पॉलिमर के नोट देखने को मिल सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिलहाल इन नए नोटों का परीक्षण कर रहा है, ताकि यह जांचा जा सके कि भारत के अलग-अलग मौसम और रोजाना के इस्तेमाल में ये कितने टिक पाते हैं.

RBI गवर्नर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का ट्रायल अभी जारी है. अगर यह टेस्ट सफल रहता है, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोटों को सीमित पैमाने पर बाजार में उतारा जा सकता है. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने अभी किसी आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है.

 क्या होते हैं पॉलिमर नोट?

पॉलिमर नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं. ये आम कागजी नोटों की तुलना में काफी मजबूत होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं. पानी में भीगने या बार-बार इस्तेमाल होने पर भी ये आसानी से फटते या खराब नहीं होते.

RBI क्यों कर रहा है प्लास्टिक नोटों का ट्रायल?

RBI का मकसद भारतीय करेंसी की उम्र और क्वालिटी को बेहतर बनाना है. 10 और 20 रुपये के छोटे नोट रोजाना करोड़ों लोगों के हाथों से होकर गुजरते हैं. बहुत ज्यादा इस्तेमाल की वजह से ये नोट बहुत जल्दी गंदे, फटे और बेकार हो जाते हैं. भारत के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी, बारिश और नमी का माहौल रहता है. यह ट्रायल इसी बात को परखने के लिए किया जा रहा है कि प्लास्टिक के नोट इस मौसम को झेल पाएंगे या नहीं. इसी के आधार पर देश भर में इनके इस्तेमाल का फैसला होगा.

क्या बंद हो जाएंगे कागजी नोट?

फिलहाल कागजी नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है. अगर प्लास्टिक के नोट लाए भी जाते हैं, तो वे मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही बाजार में चलेंगे. आगे का फैसला ट्रायल के नतीजों को देखने के बाद ही लिया जाएगा.

कई देशों में पहले से चल रहे हैं प्लास्टिक नोट

दुनिया के कई देश करेंसी को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए पहले ही पॉलिमर नोटों को अपना चुके हैं. इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं. इन्हीं देशों के अनुभवों को देखते हुए भारत भी अपनी करेंसी की उम्र बढ़ाने के लिए इस विकल्प पर काम कर रहा है.