प्राडा का हुआ मशहूर लक्जरी ब्रांड वर्साचे, लंबी लड़ाई के बाद 1.3 अरब यूरो में फाइनल हुई डील

प्राडा ने लगभग 1.3 अरब यूरो में वर्साचे का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद यह सौदा संभव हुआ. अब वर्साचे प्राडा समूह का हिस्सा बनेगा, जिससे दोनों ब्रांडों की ग्लोबल रणनीति बदलने की उम्मीद है.

@prada_japan
Sagar Bhardwaj

इटली के फैशन उद्योग में एक बड़ा बदलाव आखिरकार पूरा हो गया है. प्राडा ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने मशहूर लक्जरी ब्रांड वर्साचे का अधिग्रहण औपचारिक रूप से पूरा कर लिया है. यह सौदा उन चर्चाओं का नतीजा है, जो कई सालों से जारी थीं. एप्रिल में प्राडा ने अमेरिकी कंपनी कैप्री होल्डिंग्स से वर्साचे खरीदने के लिए अंतिम समझौता किया था. अधिग्रहण से दोनों ब्रांडों की दिशा, नेतृत्व और बाजार रणनीति में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है.

लंबे समय से चल रही बातचीत पूरी

कंपनी ने बताया कि वर्साचे को अपने समूह में शामिल करना उसका पुराना सपना था. कोविड अवधि के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच संपर्क बने रहे थे. टैपेस्ट्री द्वारा कैप्री होल्डिंग्स का सौदा रुकने के बाद प्राडा ने बातचीत को तेज किया और अधिग्रहण को अंतिम रूप दिया.

सौदे के पीछे रणनीतिक सोच

प्राडा के मालिकों के बेटे लोरेंजो बर्टेली ने कहा कि यह निर्णय लंबे विचार-विमर्श का परिणाम है. उनके मुताबिक वर्साचे वित्तीय जोखिम के लिहाज से संतुलित था और उसकी वैश्विक पहचान इस सौदे को महत्वपूर्ण बनाती है. अधिग्रहण पूरा होने के बाद वे वर्साचे के एक्ज़िक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे.

1978 में हुई थी स्थापना

1978 में जियानी वर्साचे द्वारा स्थापित यह ब्रांड ग्लैमरस और बोल्ड डिजाइनों के लिए जाना जाता है. अब यह प्राडा और उसके उभरते लेबल मियु मियु के साथ समूह का हिस्सा बनेगा. इस कदम को फैशन उद्योग की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है.

क्रिएटिव लीडरशिप में बदलाव

अधिग्रहण से कुछ सप्ताह पहले, डोनाटेला वर्साचे ने लगभग तीन दशकों बाद क्रिएटिव चीफ का पद छोड़ दिया था. उनकी जगह मियु मियु के पूर्व डिज़ाइन डायरेक्टर डारियो विटाले ने यह जिम्मेदारी संभाली, जिससे ब्रांड के डिज़ाइन दृष्टिकोण में नए बदलाव की उम्मीद है.

इटली के फैशन परिदृश्य में बड़ा प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा इटली के लक्जरी बाजार की दिशा बदल सकता है. प्राडा के पास अब दो मजबूत ग्लोबल लेबल हैं, और वर्साचे को नई रणनीति व निवेश का फायदा मिलेगा. इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में समूह की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है.