आज फिर बदले पेट्रोल डीजल के दाम! घर से निकलने से पहले चेक करें आज के रेट
1 नवंबर 2025 को तेल विपणन कंपनियों ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कीं. आज कई शहरों में ईंधन की कीमतों में मामूली बदलाव देखने को मिला है.
Petrol Diesel Price: तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपडेट करती हैं. यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और रुपये-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करता है. आज यानी शनिवार को जारी नई दरों के मुताबिक, देश के कुछ हिस्सों में कीमतों में मामूली गिरावट और कुछ जगहों पर बढ़ोतरी दर्ज की गई.
आज जिन शहरों में ईंधन के दामों में परिवर्तन हुआ, उनमें गुरुग्राम, जयपुर, नोएडा, भुवनेश्वर और पटना शामिल हैं. इनमें से गुरुग्राम और जयपुर में कीमतें घटी हैं, जबकि नोएडा और पटना में हल्की बढ़त देखी गई. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव क्षेत्रीय टैक्स दरों, परिवहन लागत और वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण हुआ है.
देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल रेट (रुपये प्रति लीटर)
- नई दिल्ली 94.77
- कोलकाता 105.41
- मुंबई 103.50
- चेन्नई 100.90
- गुड़गांव 95.38 घटा 0.12
- नोएडा 95.12 बढ़ा 0.35
- बैंगलोर 102.92
- भुवनेश्वर 100.93 घटा 0.23
- चंडीगढ़ 94.30
- हैदराबाद 107.46
- जयपुर 104.41 घटा 0.31
- लखनऊ 94.69
- पटना 105.60 बढ़ा 0.02
- तिरुवनंतपुरम 107.48
आपके शहर में डीजल की कीमत (रुपये प्रति लीटर)
- नई दिल्ली 87.67
- कोलकाता 92.02
- मुंबई 90.03
- चेन्नई 92.49
- गुड़गांव 87.85 घटा 0.12
- नोएडा 88.29 बढ़ा 0.40
- बैंगलोर 90.99
- भुवनेश्वर 92.51 घटा 0.23
- चंडीगढ़ 82.45
- हैदराबाद 95.70
- जयपुर 89.93 घटा 0.28
- लखनऊ 87.81
- पटना 91.83 बढ़ा 0.02
- तिरुवनंतपुरम 96.48
क्यों बदलती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, घरेलू टैक्स स्ट्रक्चर, विनिमय दर और ट्रांसपोर्टेशन लागत शामिल हैं.
सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, वैट और अन्य कर लगाती है, जिसके कारण भारत में ईंधन की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक रहती हैं. तेल कंपनियां रोजाना कीमतें अपडेट करती हैं ताकि उपभोक्ताओं को सटीक और पारदर्शी मूल्य मिल सके.
क्या होगी आने वाले दिनों की दिशा?
त्योहारी सीजन में ट्रांसपोर्ट और मांग बढ़ने के कारण ईंधन की खपत में तेजी आ सकती है. इससे स्थानीय स्तर पर कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहने पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत भी मिल सकती है. तेल कंपनियों की रणनीति फिलहाल “वेट एंड वॉच” की है, यानी वे वैश्विक संकेतों के अनुसार कीमतों में सावधानी से बदलाव कर रही हैं.