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India Daily

'वेदांता देश की धरोहर, कोई भी कदम उठाने से पहले...', छत्तीसगढ़ पावर प्लांट धमाके को लेकर बोलीं किरन बेदी

किरण बेदी ने छत्तीसगढ़ पावर प्लांट धमाके में वेदांता के अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR पर सावधानी बरतने की अपील की. कंपनी को राष्ट्रीय संपत्ति बताया. नवीन जिंदल और विजय केडिया ने भी सवाल उठाए.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
'वेदांता देश की धरोहर, कोई भी कदम उठाने से पहले...', छत्तीसगढ़ पावर प्लांट धमाके को लेकर बोलीं किरन बेदी
Courtesy: X

पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने सोमवार को अपने ट्टीटर से एक बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में हुए जानलेवा धमाके के बाद लोगों से अपील की कि वे अपनी प्रतिक्रियाओं में सावधानी बरतें. यह अपील तब आई जब छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में हुए जानलेवा धमाके के बाद दर्ज FIR में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम शामिल किया गया.

बेदी ने ट्टीट कर चेताया

सोमवार को पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता के पावर प्लांट में हुए भीषण धमाके (23 मौतें) के बाद लोगों से अपनी प्रतिक्रियाओं में सावधानी बरतने का आग्रह किया. पुलिस ने इस मामले में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है. बेदी का यह बयान ऐसे समय आया जब उद्योगपति नवीन जिंदल और निवेशक विजय केडिया ने भी FIR में अग्रवाल का नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठाए.

Kiran Bedi
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'वेदांता राष्ट्रीय संपत्ति, सावधानी बरतें': किरण बेदी

बेदी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने इस विशाल संगठन का दौरा किया और देखा कि वहां हर कोई सुरक्षा और प्रशिक्षण को लेकर कितना समर्पित था. उन्होंने वेदांता को नवरत्न कंपनी और राष्ट्रीय संपत्ति बताया. उनके अनुसार, जांच से जवाबदेही तय होनी चाहिए और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने में मदद मिलनी चाहिए. उन्होंने लोगों से अपने फैसलों और बयानों में पूरी संवेदनशीलता बरतने की अपील की, क्योंकि इसका पूरे देश पर दूरगामी असर पड़ता है. बेदी ने यह भी कहा कि जांच से पता चलेगा कि क्या सबक सीखने हैं और सुरक्षा के कौन से बड़े उपाय करने हैं.

नवीन जिंदल का सवाल 

उद्योगपति नवीन जिंदल ने इस त्रासदी को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और गहन जांच की मांग की, लेकिन उन्होंने FIR में अनिल अग्रवाल का नाम पहले से शामिल करने पर चिंता जताई. जिंदल ने कहा कि अग्रवाल की उस प्लांट के संचालन में कोई भूमिका नहीं थी. उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी सार्वजनिक उपक्रम के प्लांट या रेलवे में दुर्घटना होती है, तो क्या हम उनके चेयरमैन का नाम FIR में डालते हैं? उनके अनुसार, पहले जांच होनी चाहिए, सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जवाबदेही सबूतों पर टिकी हो.

विजय केडिया ने उठाया एकरूपता का सवाल

निवेशक विजय केडिया ने भी इस मामले में चुनिंदा जवाबदेही पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "अगर किसी फैक्ट्री में दुर्घटना होती है तो प्रमोटर पर FIR? फिर अगर ट्रेन दुर्घटना होती है, तो क्या रेल मंत्री पर FIR? हवाई दुर्घटना होती है – तो क्या विमानन अधिकारियों पर FIR? सड़क के गड्ढे के कारण किसी की मौत होती है – तो क्या नगर आयुक्त पर FIR?" उन्होंने जोर देकर कहा कि जवाबदेही में एकरूपता होनी चाहिए, न कि चुनिंदा। उनका तर्क था कि हर क्षेत्र में समान मापदंड लागू होने चाहिए, तभी न्याय सुनिश्चित होगा। केडिया के इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिल रहा है.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में जोरदार धमाका हुआ था, जिसमें 23 मजदूरों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत अन्य के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की, जिसमें लापरवाही के कारण जान लेने का आरोप भी शामिल है. अब किरण बेदी, नवीन जिंदल और विजय केडिया जैसी हस्तियों के बयानों ने इस मामले को और गरमा दिया है. देखना यह होगा कि जांच आगे क्या नतीजे लाती है और क्या FIR में अग्रवाल का नाम बरकरार रहता है.