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फरारी से भी महंगी बिकी Nvidia CEO की जैकेट, कीमत जान चौंक जाएंगे आप

एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग की मशहूर काली लेदर जैकेट सोथबीज की नीलामी में करीब 9.24 करोड़ रुपये में बिकी. इस रकम का इस्तेमाल विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में युवा इनोवेटर्स को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा.

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Kuldeep Sharma

दुनिया की सबसे बड़ी एआई कंपनियों में शामिल एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनका कोई नया एआई प्रोडक्ट नहीं, बल्कि उनकी पहचान बन चुकी काली लेदर जैकेट है, जिसने नीलामी में रिकॉर्ड कीमत हासिल कर सबको चौंका दिया.

रिकॉर्ड कीमत पर बिकी जेनसन हुआंग की जैकेट

सोथबीज की नीलामी में जेनसन हुआंग की प्रतिष्ठित काली लेदर जैकेट 9.24 करोड़ रुपये में बिक गई. शुरुआती अनुमान के अनुसार इसकी कीमत 40 हजार से 60 हजार डॉलर के बीच लगाई गई थी, लेकिन बोली बढ़ती गई और अंतिम कीमत अनुमान से लगभग 16 गुना अधिक पहुंच गई. यह जैकेट अक्टूबर 2023 में ताइपे में आयोजित Hon Hai Tech Day के दौरान पहनी गई थी. सोथबीज ने तस्वीरों और प्रमाणित हस्ताक्षर के आधार पर इसकी पुष्टि की है.


युवा वैज्ञानिकों और इनोवेटर्स के लिए होगा इस्तेमाल

नीलामी से प्राप्त पूरी राशि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रहे युवा इनोवेटर्स के समर्थन में खर्च की जाएगी. यह पहल सैन फ्रांसिस्को की वेंचर कैपिटल फर्म Long Journey Ventures से जुड़ी है. इस फंड का उपयोग Edge Institute के जरिए फेलोशिप, रिसर्च ग्रांट और रेजिडेंसी प्रोग्राम चलाने में किया जाएगा. यह संस्था वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर नए विचारों पर काम करने का अवसर देती है.

जैकेट बन गई जेनसन हुआंग की पहचान

जेनसन हुआंग की काली लेदर जैकेट वर्षों से उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा रही है. एआई से जुड़े बड़े इवेंट, प्रोडक्ट लॉन्च और टेक कॉन्फ्रेंस में वह अक्सर इसी अंदाज में नजर आते हैं. ठीक वैसे ही जैसे स्टीव जॉब्स का ब्लैक टर्टलनेक और मार्क जुकरबर्ग की साधारण टी-शर्ट उनकी पहचान बन गई थी. एनवीडिया के एआई क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने के साथ यह जैकेट भी टेक दुनिया का एक चर्चित प्रतीक बन चुकी है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए दिलचस्प रिएक्शन

जैसे ही नीलामी की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई लोगों ने हैरानी जताई कि एक जैकेट इतनी बड़ी रकम में कैसे बिक सकती है. वहीं कुछ यूजर्स ने लिखा कि इस जैकेट ने विज्ञान के लिए उतनी फंडिंग जुटा दी, जितनी कई निवेश फंड भी नहीं कर पाते. हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि जेनसन हुआंग ने स्वयं इस जैकेट को नीलामी के लिए उपलब्ध कराया था या नहीं. फिर भी यह नीलामी तकनीक और परोपकार दोनों क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गई है.