अमेरिका से ट्रेड डील के बाद अब भारत में कितनी सस्ती मिलेगी हार्ले डेविडसन? जान लीजिए
भारत और अमेरिका के बीच नए व्यापार समझौते से भारी इंजन वाली मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क समाप्त हो जाएगा. इससे हार्ले-डेविडसन जैसे ब्रांडों को लाभ होगा और मार्च तक प्रथम चरण के हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है. नई ट्रेड डील के तहत 800-1600 सीसी और उससे अधिक क्षमता वाली अमेरिकी मोटरसाइकिलों पर जीरो-ड्यूटी एक्सेस दिया जाएगा. यह कदम विशेष रूप से हार्ले-डेविडसन के लिए वरदान साबित होगा, जो लंबे समय से ऊंचे टैरिफ के कारण भारतीय बाजार में संघर्ष कर रही थी. समझौते का पहला चरण मार्च के मध्य तक हस्ताक्षरित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की नई पटकथा लिखेगा.
नई व्यवस्था लागू होते ही हार्ले-डेविडसन जैसी कंपनियों को भारत में ऊंचे आयात शुल्कों से मुक्ति मिल जाएगी. इससे पहले ये कंपनियां महंगे टैरिफ के कारण भारतीय बाजार में अपनी जगह बनाने में कठिनाई महसूस कर रही थीं. ड्यूटी खत्म होने से स्ट्रीट 750 और आयरन 883 जैसे मॉडलों की कीमतों में कमी आएगी. अब अमेरिकी निर्मित ये मोटरसाइकिलें प्रीमियम सेगमेंट में अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी. यह निर्णय भारत की व्यापारिक नीतियों में लचीलेपन को दर्शाता है.
भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ में भारी कटौती
यह व्यापार समझौता केवल अमेरिकी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए भी बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है. इससे भारतीय उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी. मार्च के मध्य तक समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर होने की पूरी उम्मीद है. यह संतुलन दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक लाभ और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा.
घरेलू उत्पादन पर प्रभाव और साझेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत के घरेलू मोटरसाइकिल उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. भारत में हाई-एंड मोटरसाइकिलों का बाजार अभी भी काफी छोटा है, जिससे स्थानीय निर्माताओं को खतरा नहीं है. हार्ले-डेविडसन पहले से ही भारत में हीरो मोटोकॉर्प के साथ साझेदारी कर चुकी है. यह सहयोग भविष्य में भी जारी रहेगा और हीरो मोटोकॉर्प अपने नेटवर्क के माध्यम से हार्ले की मोटरसाइकिलें और सामान बेचना जारी रखेगी. इससे उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलेंगे.
प्रीमियम बाजार में प्रतिस्पर्धा का नया युग
आयात शुल्क हटने से भारतीय ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली प्रीमियम मोटरसाइकिलें उपलब्ध होंगी. स्ट्रीट 750 और आयरन 883 जैसे लोकप्रिय मॉडलों पर से शुल्क हटने से बाइक प्रेमियों के लिए हार्ले का सपना सच करना आसान हो जाएगा. यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा बल्कि भारत में प्रीमियम बाइक संस्कृति को भी बढ़ावा देगा. अमेरिका द्वारा भारत के उच्च टैरिफ के बारे में की गई पिछली शिकायतों का समाधान भी इस ऐतिहासिक डील के माध्यम से हो गया है.
अन्य अमेरिकी उत्पादों को भी मिलेगा लाभ
मोटरसाइकिलों के अलावा, कई अन्य अमेरिकी वस्तुओं को भी इस समझौते के तहत जीरो-ड्यूटी एक्सेस का लाभ मिलेगा. इनमें मादक पेय पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन और महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य उन उत्पादों को लक्षित करना है जिनका स्थानीय उत्पादन सीमित है ताकि घरेलू उद्योगों को नुकसान न हो. यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को नई मजबूती प्रदान करेगा. इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की संभावना है.