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India Daily

2026 में क्यों भारत की ओर भाग रहा है Apple? चीन से iPhone प्रोडक्शन शिफ्ट होने की बड़ी वजह आई सामने

एप्पल प्रोडक्ट के प्रोडक्शन में भारत की अहम भूमिका होने वाली है. इंडस्ट्री का अनुमान है कि 2026 में भारत दुनिया भर के आईफोन्स में 28 प्रतिशत आईफोन्स का भारत में प्रोडक्शन हो सकता है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
2026 में क्यों भारत की ओर भाग रहा है Apple? चीन से iPhone प्रोडक्शन शिफ्ट होने की बड़ी वजह आई सामने
Courtesy: ai generated image

एप्पल चीन पर अपनी डिपेंडेंसी करने कर रहा है. इसी को लेकर कंपनी भारत में आईफोन का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा रही है. इंडस्ट्री का अनुमान है कि दुनिया भर में बिकने वाले सभी आईफोन्स में से तकरीबन 28 प्रतिशत आईफोन्स का 2026 में भारत प्रोडक्शन कर सकता है. यही आंकड़ा 2025 में 23 प्रतिशत था. गौरतलब है कि एप्पल की चीन में प्रोडक्शन की हिस्सेदारी 2024 में 83 प्रतिशत थी जो 2025 में घटकर 74 प्रतिशत ही रह गई है.

चीन में प्रोडक्शन कम करने की क्या है वजह?

दरअसल एप्पल यह बदलाव सप्लाई चेन को लेकर कर रही है. कंपनी चाहती है कि उसकी सप्लाई चेन ज्यादा सिक्योर और फ्लेक्सीबल हो, यही कारण है कि कंपनी चीन पर अपनी डिपेंडेंसी कम कर रही है. वहीं एक और बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन, टैरिफ से जुड़ी चिंताएं और किसी देश पर बहुत ज्यादा डिपेंड रहने के खतरे को लेकर कंपनी दूसरे देशों खासकर भारत में अपना प्रोडक्शन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है.

भारत में बढ़ेगा एपल का प्रोडक्शन

स्मार्ट एनालिटिक्स ग्लोबल और काउंटरपॉइंट रिसर्च जैसी रिसर्च फर्मों का ऐसा मानना है कि आने वाले सालों में Apple के प्रोडक्शन नेटवर्क में भारत अहम भूमिका निभाएगा जो बढ़ती ही रहेगी. वहीं फोक्सकोन औ टाटा इलेक्ट्रोनिक्स जैसे मौजूदा निर्माता देश में अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं. टाटा ग्रुप ने विस्ट्रॉन और पेगाट्रोन के भारतीय कारोबार को एक्वायर किया है जिससे एप्पल के लोकल ऑपरेशन को मजबूती मिली है.

एप्पल प्रोडक्ट्स के लिए अब भारत सबसे अहम एक्सपोर्ट सेंटर बन गया है. भारत में आईफोन्स के नये मॉडल्स का प्रोडक्शन हो रहा है. यही आईफोन्स यूएसए और यूरोप जैसे बड़े मार्केट्स में भेजा जा रहा है. भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (PLI) योजना के तहत एप्पल ने पिछले पांच सालों में तकरीबन 70 बिलियन डॉलर के आईफोन्स का प्रोडक्शन किया है. जिसमें एक्सपोर्ट का सबसे ज्यादा योगदान रहा है.

फिर भी चीन क्यों रहेगा सेंटर?

इस सबके बावजूद भी विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपने मजबूत सप्लायर नेटवर्क, स्किल्ड लेबर फोर्स, एडवांस्ड लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्शन कैपेसिटी के दम पर सालों तक एप्पल का मुख्य प्रोडक्शन सेंटर बना रहेगा.