नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के बाद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कई विदेशी उत्पाद सस्ते हो सकते हैं. इस बड़े व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ से भारत आने वाले करीब 97 प्रतिशत उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क में भारी कटौती की गई है.
इससे आने वाले समय में भारतीय बाजार में कई लग्जरी और रोजमर्रा की वस्तुएं कम कीमत पर उपलब्ध हो सकती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस समझौते पर सहमति बनने की घोषणा की. यूरोपीय संघ ने इसे अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया है.
इस डील के तहत यूरोपीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 50 से 150 प्रतिशत के स्तर से घटाकर 0 से 20 प्रतिशत तक लाया जाएगा. यूरोपीय संघ का अनुमान है कि इससे हर साल करीब 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत होगी. इस समझौते का सीधा फायदा भारतीय ग्राहकों को मिलने की उम्मीद है.
सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर देखने को मिल सकता है. फिलहाल यूरोपीय कारों पर 110 प्रतिशत तक शुल्क लगता है, जिसे घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, हालांकि यह 2.5 लाख कारों की सीमा के भीतर होगा. इससे लग्जरी कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं.
इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की बात करें तो मशीनरी, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, मेडिकल उपकरण, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, प्लास्टिक, आयरन और स्टील जैसे उत्पादों पर टैरिफ लगभग शून्य कर दिया जाएगा. इससे भारत में इन वस्तुओं की लागत घटने और उद्योगों को राहत मिलने की संभावना है.
खाद्य और कृषि उत्पादों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. यूरोपीय वाइन पर अभी 150 प्रतिशत तक शुल्क लगता है, जिसे प्रीमियम वाइन के लिए 20 प्रतिशत और मिड रेंज वाइन के लिए 30 प्रतिशत किया जाएगा. बीयर पर टैक्स 110 से घटकर 50 प्रतिशत होगा. ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और अन्य वेजिटेबल ऑयल पर टैरिफ पूरी तरह खत्म किया जाएगा.चॉकलेट, बिस्किट, पास्ता, ब्रेड, प्रोसेस्ड फूड और पेट फूड जैसे उत्पाद भी सस्ते हो सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोप के लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताया है.