India Book Market: 2030-31 तक 2 लाख करोड़ रुपये का होगा भारत का बुक पब्लिशिंग बाजार, प्रिंट सेगमेंट में 11% की सालाना ग्रोथ

भारत का बुक पब्लिशिंग बाजार 2030-31 तक 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंट बाजार करीब 11% सालाना बढ़ रहा है. 

NielsenIQ BookData
Sagar Bhardwaj

भारत का बुक पब्लिशिंग बाजार 2030-31 तक 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.  India Book Market Report 2026-2030 के मुताबिक देश के प्रिंट बुक बाजार में करीब 11% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज हो रही है. 

26 हजार से ज्यादा पब्लिशर्स

यह रिपोर्ट NielsenIQ BookData ने तैयार की है और Federation of Indian Publishers (FIP) ने प्रकाशित किया है.  इसे 3 सितंबर को नई दिल्ली में जारी किया गया.  रिपोर्ट के अनुसार भारत में 26,000 से ज्यादा प्रकाशक काम कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र के बड़े विस्तार को दिखाता है. 

प्रिंट से डिजिटल तक फोकस

रिपोर्ट में प्रिंट, डिजिटल और अकादमिक प्रकाशन के भविष्य का आकलन किया गया है.  इसमें शिक्षा, रिसर्च, भारतीय भाषाओं में प्रकाशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को उद्योग के विकास में अहम माना गया है. 


भारत के पास बड़ा पाठक वर्ग

NielsenIQ BookData India और GCC के कार्यकारी निदेशक विक्रांत माथुर ने कहा कि रिपोर्ट का उद्देश्य भारतीय प्रकाशन उद्योग के आकार, संरचना और बदलाव को बेहतर ढंग से समझना है.  रिपोर्ट में भारत के बड़े पाठक और शिक्षार्थी वर्ग, भाषाई विविधता और बढ़ती तकनीकी क्षमता को विकास के प्रमुख आधार बताया गया है. 

ग्लोबल नॉलेज इकोनॉमी में बढ़ेगा योगदान

National Book Trust, India के निदेशक युवराज मलिक के मुताबिक भारत का प्रकाशन उद्योग महत्वपूर्ण बदलाव के दौर में है.  देश अपनी भाषाई विविधता, बड़े पाठक वर्ग और तकनीकी क्षमता के दम पर वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभा सकता है. 

कॉपीराइट और AI पर जोर

रिपोर्ट में भारत के वैश्विक अकादमिक और शोध प्रकाशन में अपनी स्थिति मजबूत करने की संभावनाएं भी बताई गई हैं. साथ ही कॉपीराइट सुरक्षा, रचनाकारों के अधिकार, शोध की गुणवत्ता और तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल को उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है.