जुआ और सट्टेबाजी पर सरकार ने की 'डिजिटल स्ट्राइक', 300 वेबसाइट्स और ऐप्स हुए ब्लॉक
सरकार ने अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 साइटों और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है. ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत अब तक कुल 8,400 से अधिक ऐसी साइटें ब्लॉक की जा चुकी हैं.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी वेबसाइटों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने 300 ऐसी वेबसाइटों और एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया है. इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कैसीनो, सट्टा-मटका नेटवर्क और रियल-मनी कार्ड गेम ऐप शामिल हैं. सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होने के बाद यह सख्त कदम उठाया है.
सूत्रों के मुताबिक, अब तक कुल करीब 8,400 अवैध जुआ और सट्टेबाजी वेबसाइटों को ब्लॉक किया जा चुका है. इनमें से अधिकांश यानी लगभग 4,900 साइटें ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम पारित होने के बाद ब्लॉक की गई हैं. यह आंकड़ा बताता है कि नए कानून के बाद सरकार ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है.
ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 क्या है?
सरकार ने देश में सुरक्षित और जिम्मेदार ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 बनाया है. इस कानून का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देना और ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह रोक लगाना है. यह कानून मौका या कौशल पर आधारित सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाता है.
कड़े दंड का प्रावधान
नए कानून के तहत ऑनलाइन मनी गेम्स ऑफर करने या उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन कराने पर तीन साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम तीन साल की सजा और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना अनिवार्य होगा. विज्ञापन देने वालों को दो साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी का गठन
इस अधिनियम के तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया नामक एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था का गठन किया गया है. यह अथॉरिटी ऑनलाइन गेम्स का वर्गीकरण करेगी, यह तय करेगी कि कोई गेम मनी गेम है या नहीं, और उपयोगकर्ताओं की शिकायतों का निवारण करेगी. साथ ही यह ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को भी बढ़ावा देगी.