सोने, चांदी में आज भारी गिरावट, दीवाली से पहले खरीदें या बेंचे? क्या करें निवेशक

सोने-चांदी की गिरावट को जहां नए निवेशक खरीदारी के मौके के तौर पर देख रहे हैं वहीं यह गिरावट उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है जिन्होंने सोने में पहले से ही या ऊंची कीमतों पर निवेश कर रखा है.

X
Sagar Bhardwaj

सोने और चांदी में गिरावट का दौर जारी है. शुक्रवार को सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. MCX पर सोना जहां 1,117 रुपए गिरकर 141,479 लाख रुपए  प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ वहीं चांदी 5,130 रुपए की गिरावट के साथ 184,323 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई.

सोने-चांदी की गिरावट को जहां नए निवेशक खरीदारी के मौके के तौर पर देख रहे हैं वहीं यह गिरावट उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है जिन्होंने सोने में पहले से ही या ऊंची कीमतों पर निवेश कर रखा है.

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम

लगातार महंगाई की चिंताओं और सख्त यूएस मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में बिकवाली का दौर जारी है. बता दें कि यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन महंगाई पर सावधानी बरती है जिससे दिसंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोत्तरी की संभावना है.


अमेरिका में तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में मजबूती दिखाई दी है. अर्थव्यवस्था में मजबूती के साथ लगातार बढ़ती महंगाई ने इस उम्मीद को मजबूत किया है कि आने वाले समय में ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं जिससे सोने और चांदी जैसी संपत्तियों के प्रति लोगों का आकर्षण कम होगा.

भारत में सोने का आयात 81% गिरा

यही नहीं त्योहारी सीजन से पहले सितंबर में भारत में सोने के आयात में 81% की कमी आई है. आयात में यह कमी प्रधानमंत्री मोदी के लगातार सोना न खरीदने के आह्वान के बाद आई है. निर्यात में कमी के कारण भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में  कीमती धातु में गिरावट और बढ़ सकती है.

रूस लगातार बेच रहा अपना सोना

दूसरी तरफ रूस अपने सोने के भंडार में लगातार कमी कर रहा है. रुस के केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 तक उसके गोल्ड रिजर्व में इस साल लगभग 62 टन की कमी आ चुकी थी. रूस के लागातार सोने बेचने के पीछे यूक्रेन के साथ युद्ध पर बढ़ता खर्च प्रमुख वजह है. सोना बेचकर सरकार युद्ध के लिए रसद और वित्तीय संसाधन जुटा रही है. हालांकि रूस की इस बिकवाली से सोने की कीमतों में गिरावट के आसार कम हैं क्योंकि रूस जो सोना बेच रहा है उसकी पूरी बिक्री अंतरराष्ट्रीय बाजार में अतिरिक्त सप्लाई के रूप में नहीं आ रही है.  25 अक्टूबर की Euronews की रिपोर्ट के अनुसार, रूस का सोना हांगकांग के रास्ते बेचा जा रहा है और चीन का केंद्रीय बैंक इसका प्रमुख खरीदार बताया गया है.

क्या करें निवेशक

आगे चलकर कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका का महंगाई का डाटा, फेडरल रिजर्व बैंक के संकेत और खाड़ी का घटनाक्रम सोने और चांदी की कीमतें तय करेगा. जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा सुधार महंगाई का दबाव कम कर सकता है और सोने चांदी की कीमतों में रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है. हालांकि यह सोने-चांदी में निवेश का अवसर देख रहे लोगों के लिए अच्छा मौका है. हर गिरावट पर वे सोने-चांदी में थोड़ी-थोड़ी खरीदारी कर सकते हैं.