दीवाली-धनतेरस से पहले सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, सस्ते में खरीदने का निकल ना जाए मौका

यह गिरावट धनतेरस पर धातु खरीदने वालों के लिए एक बड़ा मौका साबित हो सकती है. भारत में दीवाली-धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का चलन है. इस गिरावट के बाद सोने और चांदी के खरीदारों की होड़ लग सकती है.

pinterest
Sagar Bhardwaj

यह दीवाली सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए बड़ा मौका लेकर आई है. शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. खबर लिखे जाने तक MCX पर सोना 2.52% यानी 3,592 रुपए गिरकर 139,004 रुपए पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी करीब 5% यानी 9,353 रुपए की गिरावट के साथ 1,80,100 पर ट्रेड कर रही थी. यह गिरावट धनतेरस पर धातु खरीदने वालों के लिए एक बड़ा मौका साबित हो सकती है. भारत में दीवाली-धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का चलन है. इस गिरावट के बाद सोने और चांदी के खरीदारों की होड़ लग सकती है.

10 महीने में 50000 रुपए सस्ता हुआ सोना

पिछले 10 महीने में सोना अपने रिकॉर्ड हाई के मुकाबले करीब 50,000 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है. सोने चांदी में आ रही लगातार गिरावट से निवेशक असमंजस में हैं कि क्या यह सोने में निवेश का सही समय है या अभी इसमें और गिरावट आ सकती है.

क्यों आ रही है गिरावट

सबसे पहले आपको यह समझना जरूरी है कि सोने-चांदी की कीमतों में आ रही इस गिरावट की असल वजह क्या है? दरअसल, इसके पीछे अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स का ऑल टाइम हाई पर पहुंचना और फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना मुख्य वजह है.

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, इसलिए निवेश सोने-चांदी की बजाय वहां पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं. वहीं ब्याज दरें बढ़ने से एफडी और बैंक की अन्य स्कीमों पर ज्यादा और सुरक्षित रिटर्न मिलता है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट संकट और तेल की बढ़ती कीमतें भी सोने-चांदी पर दबाव बना रही हैं.

क्या करें निवेशक

क्योंकि वैश्विक उथल-पुथल को देखते हुए सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है, ऐसे में निवेशकों को एक साथ सारा पैसा निवेश करने से बचना चाहिए और हर गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करनी चाहिए.