नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारियों के पुराने पीएफ खाते निष्क्रिय हो जाते हैं और उनमें जमा रकम का पता लगाना मुश्किल होता है. अब ईपीएफओ ने इस समस्या को आसान बनाने के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे पात्र सदस्य पुराने पीएफ खाते की जानकारी और बैलेंस ट्रांसफर कर सकेंगे.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पुराने और बंद पड़े पीएफ खातों को लेकर कर्मचारियों की परेशानी कम करने की दिशा में कदम उठाया है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि नए ईपीएफओ डिजिटल पोर्टल के जरिए कर्मचारी अपने निष्क्रिय पीएफ खातों को ट्रैक कर सकेंगे. नौकरी बदलने के दौरान कई लोग अपने पुराने ईपीएफ खाते को नए खाते से जोड़ना भूल जाते हैं, जिससे उसमें जमा राशि लंबे समय तक पड़ी रहती है. यह समस्या खासतौर पर उन कर्मचारियों में ज्यादा देखी जाती है, जिनके पास एक से अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होते हैं. नए पोर्टल से ऐसे कर्मचारियों को अपनी जमा राशि तक पहुंच आसान होगी.
नया ईपीएफओ पोर्टल आधार आधारित पहचान सत्यापन प्रणाली पर काम करेगा. पात्र सदस्य आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान प्रमाणित कर पुराने पीएफ खातों की जानकारी हासिल कर पाएंगे. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी अपने पुराने खाते में जमा राशि को सक्रिय UAN वाले खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे. इसके अलावा ऑनलाइन क्लेम आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. श्रम मंत्रालय के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य अलग-अलग नियोक्ताओं के पास जमा भविष्य निधि राशि को एक जगह लाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. इससे कर्मचारियों को पुराने पीएफ खाते की जानकारी जुटाने और ट्रांसफर प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी.
ईपीएफओ के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को खासतौर पर उन सदस्यों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पुराने खाते निष्क्रिय हो चुके हैं. पहले कर्मचारियों को पुराने खाते की जानकारी हासिल करने और राशि ट्रांसफर कराने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था. अब डिजिटल माध्यम से यह काम अधिक सरल हो जाएगा. आधार आधारित ऑथेंटिकेशन से सदस्य की पहचान ऑनलाइन सत्यापित की जाएगी. इससे पीएफ ट्रांसफर में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है. हालांकि, सुविधा का लाभ वही सदस्य उठा सकेंगे, जो अपनी पहचान सत्यापित कर पाएंगे और जिनके पुराने खातों का रिकॉर्ड उपलब्ध होगा.
श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट किया है कि नया पोर्टल उन सदस्यों के लिए है, जो अपने पुराने पीएफ खातों की पहचान करने और जरूरी सत्यापन पूरा करने में सक्षम हैं. ऐसे कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई अलग व्यवस्था प्रस्तावित नहीं है, जिन्हें पुराने खाते की जानकारी बिल्कुल याद नहीं है या जिनका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. मंत्रालय का कहना है कि नए पोर्टल से पात्र ईपीएफओ सदस्यों को पुराने खातों का पता लगाने, बैलेंस देखने और राशि ट्रांसफर करने में सुविधा मिलेगी. यह कदम लाखों कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिनकी मेहनत की कमाई लंबे समय से पुराने पीएफ खातों में जमा पड़ी है.