अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट उस समय आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत में प्रगति के संकेत दिए. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह बयान बाजार के लिए राहत लेकर आया. निवेशक पिछले कुछ दिनों से संभावित सैन्य टकराव को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब बातचीत के संकेतों ने हालात को कुछ हद तक स्थिर करने का काम किया है.
दिन के कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शाम तक इसकी कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई, जो पहले के स्तर से काफी नीचे है. यह गिरावट करीब 6 प्रतिशत से ज्यादा रही, जबकि शुरुआती सत्र में दबाव और भी ज्यादा था.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करने के लिए प्रयास जारी हैं. इसी कारण अमेरिका ने फिलहाल ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला किया है.
टकराव की आशंका कम होने से वैश्विक बाजारों में थोड़ी स्थिरता आई है. निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया और तेल की कीमतों पर दबाव बना. हालांकि, बाजार अभी भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे भी सकारात्मक रहती है, तो तेल की कीमतें नियंत्रित रह सकती हैं. लेकिन अगर किसी भी स्तर पर तनाव फिर बढ़ता है, तो कीमतों में अचानक उछाल आ सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक इन वार्ताओं पर निर्भर करेगी.