नई दिल्ली: आम बजट 2026 पेश होने में काफी कम समय बचा है. एक फरवरी को संसद में आम बजट पेश किया जाएगा. इस बजट में देश के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना नजर आ रही है.
लंबे समय से बंद पड़ी रेलवे टिकट छूट को दोबारा शुरू किए जाने की उम्मीद तेज हो गई है. माना जा रहा है कि सरकार बजट के जरिए बुजुर्ग यात्रियों को यात्रा खर्च में बड़ी राहत दे सकती है.
1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले आम बजट से पहले रेलवे टिकट किराए को लेकर चर्चाएं तेज हैं. खबरों के मुताबिक, सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकटों पर छूट बहाल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह राहत शताब्दी, राजधानी और मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों में मिल सकती है. अगर फैसला लागू होता है, तो लाखों बुजुर्ग यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा.
कोविड-19 महामारी से पहले भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट किराए में छूट देता था. 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को 40 प्रतिशत और 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी. यह सुविधा लगभग सभी श्रेणियों में उपलब्ध थी और टिकट बुकिंग के समय अपने आप लागू हो जाती थी.
मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण रेलवे ने यह छूट अस्थायी रूप से बंद कर दी थी. तब से अब तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया गया. इस दौरान टिकट किराए भी बढ़े हैं, जिससे बुजुर्ग यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है. सामाजिक संगठनों और यात्रियों की ओर से लगातार छूट बहाल करने की मांग उठती रही है.
सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों को छूट देने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा है. बजट से पहले दोनों मंत्रालयों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हुई है. माना जा रहा है कि सरकार (शताब्दी, राजधानी और मेल या एक्सप्रेस) 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट देने के विकल्प पर विचार कर रही है. हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
अधिकांश वरिष्ठ नागरिक रिटायरमेंट के बाद पेंशन या बचत पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में बढ़ते रेलवे किराए उनके लिए यात्रा को महंगा बना देते हैं. अगर टिकट छूट वापस आती है, तो इससे उनकी आर्थिक चिंता कम होगी और वे आसानी से लंबी यात्राएं कर सकेंगे.
फिलहाल, बुजुर्ग यात्रियों की उम्मीदें 1 फरवरी 2026 के आम बजट पर टिकी हैं. बजट में अगर रेलवे टिकट छूट का ऐलान होता है, तो यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी.