इस कंपनी ने Nvidia को पछाड़ा, बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी
Apple ने लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू के साथ Nvidia को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने का ताज फिर से हासिल कर लिया है.
Apple Inc. एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है. कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि Nvidia की वैल्यू 3.5% गिरावट के बाद करीब 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गई. करीब एक साल तक शीर्ष स्थान पर रहने के बाद Nvidia दूसरे नंबर पर खिसक गई. अप्रैल पिछले वर्ष के बाद यह पहला मौका है जब Apple ने फिर से यह ताज अपने नाम किया है.
AI से कमाई की क्षमता पर बढ़ा भरोसा
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा अब केवल AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनियों पर नहीं, बल्कि AI से कमाई करने वाले बिजनेस मॉडल पर भी बढ़ा है. BRI Wealth Management की टोनी मीडोज के अनुसार, Apple अपने मजबूत इकोसिस्टम, सर्विसेज और हार्डवेयर अपग्रेड के जरिए AI का बेहतर व्यावसायिक लाभ उठा सकता है. यही वजह है कि निवेशकों को कंपनी की भविष्य की कमाई अधिक टिकाऊ नजर आ रही है.
रिकॉर्ड तेजी और फोल्डेबल iPhone से उम्मीदें
Apple के शेयर जून के आखिर से अब तक 20% से ज्यादा चढ़ चुके हैं और रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहे हैं. HSBC ने भी कंपनी के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है. सितंबर में Apple के पहले फोल्डेबल iPhone के लॉन्च की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने अपने सप्लायर्स से इस साल करीब 1 करोड़ फोल्डेबल iPhone बनाने की तैयारी करने को कहा है, जिससे कंपनी की आय में और मजबूती आने की संभावना जताई जा रही है.
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Siri और AI रणनीति पर बड़ा दांव
Apple ने हाल ही में लंबे समय से प्रतीक्षित Siri अपग्रेड पेश किया है. कंपनी का मानना है कि नई AI क्षमताओं से लैस Siri, Google और अन्य टेक कंपनियों के AI असिस्टेंट्स को कड़ी टक्कर दे सकेगी. विश्लेषकों का कहना है कि iPhone में मौजूद विशाल व्यक्तिगत डेटा Apple के लिए AI का बड़ा अवसर है, हालांकि कंपनी को अपनी मजबूत प्राइवेसी नीति के साथ इसका संतुलन भी बनाए रखना होगा.
Nvidia की चुनौती बरकरार
हालांकि Apple फिलहाल शीर्ष पर पहुंच गया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे स्थायी बदलाव नहीं मान रहे. Nvidia अभी भी AI चिप्स और ग्राफिक्स प्रोसेसर बाजार की सबसे बड़ी ताकत है और जनरेटिव AI की मांग का प्रमुख लाभार्थी बनी हुई है. वहीं Micron और SK Hynix जैसी मेमोरी चिप कंपनियां भी AI निवेश की नई लहर से तेजी से उभर रही हैं. ऐसे में AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है.