अखिलेश पाठक ने पावरग्रिड में निदेशक (परियोजना) के रूप में कार्यभार संभाला, 32 वर्षों का है अनुभव

अखिलेश पाठक ने पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) का पदभार ग्रहण कर लिया है. उनके पास पावर सेक्टर में 32 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है.

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Sagar Bhardwaj

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न सार्वजनिक उद्यम 'पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (पावरग्रिड) में अखिलेश पाठक ने 30 सितंबर 2026 को निदेशक (परियोजनाएं) का पदभार संभाल लिया है. इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक श्री पाठक ने हॉवर्ड बिजनेस स्कूल का 'हॉवर्ड मैनेजमेंटर प्रोग्राम' भी पूरा किया है. वे वर्ष 1993 में पावरग्रिड के पहले बैच में कार्यपालक प्रशिक्षु (एग्जीक्यूटिव ट्रेनी) के रूप में कंपनी से जुड़े थे.

32 वर्षों का रखते हैं अनुभव

ऊर्जा क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले अखिलेश पाठक के पास ट्रांसमिशन सिस्टम प्लानिंग, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, बिजनेस डेवलपमेंट और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में महारत हासिल है. उन्होंने ईएचवी (EHV) ट्रांसमिशन लाइनों तथा सबस्टेशनों के विकास, निगरानी और कमीशनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस नए पदभार से पहले वे पावरग्रिड में कार्यपालक निदेशक (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे.

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान

पावरग्रिड के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी के रिकॉर्ड कैपेक्स (Capital Expenditure) उपयोग, उच्च परिसंपत्ति पूंजीकरण और ट्रांसमिशन लाइन विस्तार में अहम योगदान दिया. उन्होंने नेपाल में 'अरुण-3 एसएपीडीसी' (SAPDC) ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए सीमा पार की तकनीकी व नियामक चुनौतियों को हल किया. इसके अलावा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंसल्टेंसी सेवाओं का विस्तार कर कंपनी के राजस्व को बढ़ाने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही है.