नई दिल्ली: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच पिछले कई महीनों से 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएँ तेज थीं. सोशल मीडिया से लेकर कर्मचारी संगठनों तक, सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या सरकार महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में शामिल करने जा रही है? अब केंद्र सरकार ने इस पर आधिकारिक रूप से स्थिति साफ करते हुए सभी कयासों पर विराम लगा दिया है.
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल महंगाई भत्ता (DA) या महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार DA, DR और अन्य भत्तों को जारी रखेगी क्योंकि ये कर्मचारियों की महंगाई से सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. इस बयान ने उन सभी अटकलों को खत्म कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों को DA मिलना बंद हो जाएगा.
सरकार ने पहले ही 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया लंबी है. आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने लगेंगे. सिफारिशें तैयार होने के बाद ही वेतन संशोधन लागू किया जा सकेगा. अनुमान है कि संशोधित वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है.
इसका अर्थ यह है कि जनवरी 2026 में कर्मचारियों के खातों में तुरंत बढ़ा हुआ वेतन नहीं आएगा. बेसिक पे और अन्य लाभ आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही लागू होंगे.
हाल के हफ्तों में सोशल मीडिया पर यह दावा फैल रहा था कि 8वें वेतन आयोग के बाद DA, HRA और अन्य भत्ते बंद कर दिए जाएंगे. सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि DA और DR की दरें हर छह महीने में पुनरीक्षित होती रहेंगी. HRA सहित अन्य भत्तों में कोई बदलाव फिलहाल प्रस्तावित नहीं है. कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की सुरक्षा सरकारी प्राथमिकताओं में शामिल है.
8वां वेतन आयोग बेसिक वेतन में सुधार, भत्तों की समीक्षा और वित्तीय राहत का बड़ा पैकेज लेकर आ सकता है. लेकिन इसकी अंतिम रिपोर्ट आने तक कर्मचारियों को धैर्य रखना होगा और सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों से दूरी बनाए रखनी होगी. सरकार के ताजा बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों के मौजूदा भत्ते जारी रहेंगे और महंगाई भत्ता जारी रहेगा. वेतन संशोधन में समय लगेगा लेकिन राहत अवश्य मिलेगी.