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India Daily

8वें वेतन आयोग में 3 वाला फॉर्मूला, सीधे 18 हजार से 540000 हो जाएगी बेसिक सैलरी

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. इसके बाद नवंबर 2025 में आयोग की समिति बनाई गई. इस समिति को करीब 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
8वें वेतन आयोग में 3 वाला फॉर्मूला, सीधे 18 हजार से 540000 हो जाएगी बेसिक सैलरी
Courtesy: pinterest

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है. सरकार ने इसके गठन की घोषणा पहले ही कर दी है, लेकिन रिपोर्ट आने और उसे लागू होने में अभी करीब 18 से 20 महीने लग सकते हैं. इसी बीच कर्मचारियों के संगठन अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं.

फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) को एक ज्ञापन भेजा है. इसमें मांग की गई है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 के बीच तय किया जाए. फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय की जाती है.

सैलरी में हो सकता है बड़ा इजाफा

अगर कर्मचारियों की यह मांग मान ली जाती है तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में काफी बढ़ोतरी हो सकती है. संगठन के अनुसार अगर 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 54,000 रुपये तक पहुंच सकती है. वरिष्ठ पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है.

परिवार की संख्या बढ़ाने की भी मांग

FNPO का कहना है कि अभी वेतन तय करते समय तीन सदस्यों के परिवार को आधार माना जाता है. यह व्यवस्था सातवें वेतन आयोग के समय से लागू है. लेकिन संगठन की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में परिवार की इकाई तीन से बढ़ाकर पांच कर दी जाए. इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए. अगर ऐसा किया जाता है तो न्यूनतम बेसिक वेतन करीब 76,360 रुपये तक पहुंच सकता है.

फिटमेंट फैक्टर तय करने की प्रक्रिया

फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए एक तय प्रक्रिया अपनाई जाती है. इसके लिए 1957 की इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस के मानकों को आधार माना जाता है. इसमें कर्मचारियों की जरूरी जरूरतों को ध्यान में रखकर खर्च का अनुमान लगाया जाता है. इस सूची में भोजन, कपड़े, बिजली, पानी, ईंधन और जरूरी घरेलू खर्च शामिल होते हैं. इसमें केवल जरूरी खर्च जोड़े जाते हैं, जबकि विलासिता से जुड़े खर्चों को शामिल नहीं किया जाता.

 पिछले साल बना था आयोग

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. इसके बाद नवंबर 2025 में आयोग की समिति बनाई गई. इस समिति को करीब 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है. रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तय करेगी कि सिफारिशों को किस तरह लागू किया जाए. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग से उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है.