नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंड और ओस लेकर आता है. कार मालिकों के लिए यह समय विशेष सावधानी की मांग करता है. गाड़ी की छोटी-छोटी जांच न करने पर गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. बैटरी कमजोर हो सकती है, टायर की पकड़ कम हो सकती है और इंजन के परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है. सर्दियों में गाड़ी की सही देखभाल से लंबी उम्र और सुरक्षा सुनिश्चित होती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित निरीक्षण और छोटी मरम्मत को नजरअंदाज न किया जाए.
समय पर देखभाल न करने से मोटी मरम्मत लागत और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए जरुरी है कि आप अपनी कार को पहले ही टंच कर लें. इससे आपको बीच रास्ते में गाड़ी खराब होने का डर नहीं रहेगा.
सर्दियों में बैटरी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. ठंडा मौसम बैटरी की क्षमता को कम कर देता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि हर छह महीने में बैटरी का वोल्टेज और चार्जिंग सिस्टम चेक कराना चाहिए. यदि बैटरी पुरानी हो, तो सर्दियों में चार्जिंग जल्दी खत्म हो सकती है.
टायर सड़क से संपर्क का पहला माध्यम हैं. सर्दियों में सड़क पर जमी बर्फ और पानी टायर की पकड़ कम कर देते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टायर की प्रेशर नियमित जांचें और गहराई वाले टायर का उपयोग करें. इसके अलावा, किसी भी कट या घिसावट को नजरअंदाज न करें.
ठंडी हवा में इंजन का तेल ज्यादा गाढ़ा हो सकता है. इससे इंजन स्टार्ट करने में परेशानी हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में हल्का और उपयुक्त ग्रेड का इंजन ऑयल इस्तेमाल करें. नियमित ऑयल चेंज और फिल्टर चेक करना जरूरी है.
सर्दियों में विंडस्क्रीन पर ओस और बर्फ जम सकती है. वाइपर ब्लेड की जांच करें और विंडस्क्रीन वॉशर में एंटी-फ्रीज युक्त पानी का इस्तेमाल करें. इससे विजिबिलिटी बनी रहती है और दुर्घटना का खतरा कम होता है.
हीटर और डिफॉगर कार के अंदर गर्मी और साफ विजिबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण हैं. सर्दियों में इन्हें समय से पहले जांच लें. किसी खराबी की स्थिति में तुरंत मरम्मत कराएं.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.