शहर में पेट्रोल क्यों जल्दी खत्म होता है लेकिन हाईवे पर बच जाता है? असली वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
शहर और हाईवे में कार की फ्यूल खपत अलग क्यों होती है, इसका कारण ड्राइविंग की परिस्थितियों में छिपा है. शहर में ट्रैफिक, बार-बार रुकना-चलना और कम गियर में ज्यादा RPM से पेट्रोल जल्दी खत्म होता है.
नई दिल्ली: कई लोग यह बात नोटिस करते हैं कि शहर में ड्राइविंग के दौरान कार का पेट्रोल तेजी से खत्म होता है, जबकि वही कार हाईवे पर लंबी दूरी कम ईंधन में तय कर लेती है. यह अंतर केवल ड्राइवर की आदतों का नहीं बल्कि इंजन की कार्यप्रणाली और सड़क की परिस्थितियों का परिणाम है. शहर की भीड़भाड़ और ट्रैफिक तथा हाईवे की खुली और स्थिर गति, दोनों फ्यूल खपत पर अलग-अलग असर डालते हैं.
असल में, कार का माइलेज इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस स्थिति में चल रही है. शहर में बार-बार रुकना, धीमा होना और फिर तेज होना इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जबकि हाईवे पर लगातार एक समान गति से चलने से इंजन कम मेहनत करता है. यही कारण है कि दोनों जगहों पर एक ही कार का माइलेज अलग दिखाई देता है और फ्यूल की खपत में बड़ा अंतर देखने को मिलता है.
ट्रैफिक में बढ़ती फ्यूल खपत का कारण
शहरों में ट्रैफिक जाम और रेड लाइट पर गाड़ी अक्सर रुकी रहती है, लेकिन इंजन चालू रहता है. इस दौरान ईंधन लगातार जलता रहता है, जबकि गाड़ी आगे नहीं बढ़ती. इसी वजह से फ्यूल खर्च तो होता है लेकिन दूरी नहीं तय होती, जिससे माइलेज अपने आप कम हो जाता है और ड्राइविंग महंगी महसूस होती है.
बार-बार रुकना और तेज होना
शहर की ड्राइविंग में सबसे बड़ा कारण बार-बार ब्रेक लगाना और अचानक एक्सीलरेशन करना है. हर बार जब गाड़ी को फिर से गति पकड़नी होती है, तो इंजन अधिक ईंधन जलाता है. यह स्टॉप-एंड-गो पैटर्न इंजन पर दबाव बढ़ाता है और कुल मिलाकर फ्यूल की खपत को काफी बढ़ा देता है.
कम गियर में ज्यादा दबाव
भीड़भाड़ वाले रास्तों पर कार अक्सर पहले या दूसरे गियर में चलती है. इस स्थिति में इंजन को ज्यादा RPM पर काम करना पड़ता है, जिससे अधिक ईंधन खर्च होता है. लंबे समय तक कम गियर में चलने से इंजन की क्षमता का सही उपयोग नहीं हो पाता और माइलेज पर सीधा असर पड़ता है.
हाईवे पर स्थिर ड्राइविंग का फायदा
हाईवे पर स्थिति पूरी तरह अलग होती है, जहां गाड़ी एक स्थिर गति पर लगातार चलती है. यहां बार-बार ब्रेक लगाने या एक्सीलरेट करने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे इंजन पर कम दबाव पड़ता है और फ्यूल की खपत काफी कम हो जाती है, जिससे लंबी दूरी तय करना आसान और सस्ता हो जाता है.
हाई गियर में बेहतर माइलेज
हाईवे पर कार आसानी से चौथे, पांचवे या छठे गियर में चलती है, जहां इंजन कम RPM पर काम करता है. इस स्थिति में फ्यूल की खपत न्यूनतम होती है और माइलेज अधिक मिलता है. यही वजह है कि लंबी यात्रा के लिए हाईवे ड्राइविंग को हमेशा अधिक किफायती और बेहतर माना जाता है.