चिलचिलाती गर्मी में भी कार रहेगी ठंडी-ठंडी, इंजन से केबिन तक ऐसे रखें पूरा ख्याल
गर्मियों की तेज धूप और गर्म हवा कार के इंजन, बैटरी और केबिन पर भारी पड़ सकती है. सही देखभाल से इंजन ओवरहीटिंग से बच सकता है, एसी ठंडी हवा देता रहेगा और अंदर का माहौल आरामदायक बना रहेगा.
नई दिल्ली: भारत में गर्मी का मौसम हर साल रिकॉर्ड तोड़ता है. सड़कों पर गर्मी से पिघलता ऐस्फाल्ट और तेज धूप कार मालिकों के लिए चुनौती बन जाती है. इंजन ज्यादा गर्म हो सकता है, एसी कमजोर पड़ सकता है और केबिन की गर्मी सवारियों को परेशान कर सकती है. लेकिन थोड़ी सी सावधानी और नियमित चेकिंग से आप इन समस्याओं से आसानी से निपट सकते हैं.
कई ड्राइवर इन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में महंगा पड़ा है. अब समय है कि कार को गर्मी के लिए तैयार किया जाए.
इंजन को रखें ठंडा
गर्मी में सबसे बड़ी समस्या इंजन ओवरहीटिंग की होती है. इसलिए कूलिंग सिस्टम की नियमित जांच जरूरी है. कूलेंट का स्तर चेक करें और अगर कम हो तो इसे टॉप अप कर लें. रेडिएटर और होज पाइप में लीक न हो, इसका ध्यान रखें. इंजन ठंडा होने पर ही कूलेंट चेक करना बेहतर होता है. सही अनुपात में कूलेंट और पानी का मिश्रण इंजन को ज्यादा गर्म होने से बचाता है. लंबी ड्राइव से पहले यह जरूर देख लें.
एसी को बनाएं प्रभावी
कार का एसी गर्मी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. पहले केबिन की गर्म हवा बाहर निकालें. एक खिड़की खोलकर पीछे का दरवाजा खोल-बंद करें, इससे हवा तेजी से बाहर जाती है. एसी फिल्टर साफ रखें और रेफ्रिजरेंट लेवल चेक करवाएं. कार छाया में पार्क करें ताकि अंदर का तापमान ज्यादा न बढ़े. एसी को तुरंत ज्यादा ठंडा न करें, धीरे-धीरे टेम्परेचर कम करें. इससे सिस्टम पर बोझ नहीं पड़ेगा.
टायर और बैटरी का ख्याल
गर्मी से टायर का प्रेशर बढ़ जाता है, इसलिए हर हफ्ते चेक करें. सुबह के समय सही प्रेशर देखें और जरूरत अनुसार एडजस्ट करें. ज्यादा प्रेशर से ब्लोआउट का खतरा रहता है. बैटरी भी गर्मी में जल्दी खराब होती है. टर्मिनल्स पर जंग साफ करें और कनेक्शन टाइट रखें. अगर बैटरी तीन साल पुरानी है तो उसकी जांच करवाएं. ये दोनों चीजें गाड़ी की सुरक्षा और परफॉर्मेंस के लिए बहुत जरूरी हैं.
इंजन ऑयल और फ्लूइड्स
तेज गर्मी में इंजन ऑयल जल्दी गाढ़ा हो सकता है. नियमित रूप से डिपस्टिक से स्तर चेक करें और अगर जरूरी हो तो बदलवाएं. ब्रेक फ्लूइड, पावर स्टीयरिंग फ्लूइड और वॉशर फ्लूइड भी देखें. साफ और सही लेवल वाले फ्लूइड्स इंजन को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं. सर्विस सेंटर पर जाकर पूरे सिस्टम की जांच करवाना अच्छा रहता है. इससे छोटी समस्याएं बड़े नुकसान में बदलने से बच जाती हैं.
केबिन को रखें आरामदायक
कार के अंदर की सीटें और डैशबोर्ड गर्मी से प्रभावित होते हैं. पार्किंग के समय सनशेड या विंडो कवर इस्तेमाल करें. इंटीरियर को सीधे सूरज की रोशनी से बचाएं. अगर संभव हो तो कार को छायादार जगह पर रखें. केबिन एयर फिल्टर साफ रखने से एसी बेहतर काम करता है. इन छोटी आदतों से केबिन ठंडा और तरोताजा बना रहता है, जिससे ड्राइविंग का मजा दोगुना हो जाता है.