Maruti e Vitara के प्रोडक्शन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, 100 देशों में जाएगी भारत की पहली इलेक्ट्रिक SUV, जानें खासित
मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष 2026 तक 67,000 इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए होगा. इससे भारत का Made in India ब्रांड वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा.
Maruti e Vitara: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के नए युग की शुरुआत हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक SUV Maruti e Vitara को फ्लैग-ऑफ किया. अहमदाबाद के हंसलपुर स्थित प्लांट से इस कार का प्रोडक्शन आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है. खास बात यह है कि भारत में बनी यह इलेक्ट्रिक SUV न केवल घरेलू बाजार बल्कि जापान और यूरोप समेत दुनिया के 100 से अधिक देशों में एक्सपोर्ट की जाएगी.
इसी मौके पर पीएम मोदी ने बैटरी इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के लोकल उत्पादन की भी शुरुआत की. तोशिबा, डेंसो और सुजुकी के ज्वाइंट वेंचर वाले TDS लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में अब 80% से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही होगा. यह कदम भारत को क्लीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है.
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा नया बल
मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष 2026 तक 67,000 इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए होगा. इससे भारत का Made in India ब्रांड वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा. हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर गुजरात (SMG) प्लांट 640 एकड़ में फैला है और इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 7.5 लाख यूनिट है. नई असेंबली लाइन शुरू होने के बाद उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी.
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रोडमैप तैयार
मारुति सुजुकी ने इस दशक के अंत तक उत्पादन क्षमता को लगभग दोगुना कर 4 मिलियन यूनिट तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया है. घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की मांग को पूरा करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है. यही नहीं, 2014 में शुरू हुए इस प्लांट से पहले मारुति बलेनो और बाद में नेक्स्ट जेनरेशन स्विफ्ट का भी निर्माण हुआ. अब Maruti e Vitara की एंट्री भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रांति लाने वाली साबित हो सकती है.