समुद्र, हवाई के बाद अब जमीनी हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका! मिडिल ईस्ट में हजारों सैनिकों को तैनात करने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी सैनिक पहले से ही ईरान के खिलाफ समुद्री और हवाई रास्तों को हाईजैक कर रखा है. हालांकि अब राष्ट्रपति डोाल्ड ट्रंप सैनिकों को जमीनी स्तर पर उतारने की प्लानिंग कर रहे है.
मीडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब शायद थमने वाला नहीं. अमेरिका, इजरायल लगातार ईरान के खिलाफ हमले तेज कर रहा है. इन हमलों से ईरान को बड़ा झटका लगा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद ईरान के उच्च सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की भी मौत हो गई.
लारीजानी की मौत ने इस युद्ध को और भी ज्यादा जटिल बना दिया है. ईरान की ओर से लारीजानी की मौत के बदले का ऐलान किया गया है. हालांकि दूसरी ओर अमेरिका अपनी तैयारी और भी ज्यादा मजबूत कर रहा है. अमेरिका पहले से ही अरब सागर में अपने युद्धपोत खड़ा कर रखा है. इसके अलावा एयरफोर्स भी तैनात है अब डोनाल्ड ट्रंप अपने सेना को जमीनी स्तर पर भी भेजने की तैयारी कर रहे हैं.
लारीजानी की मौत के बाद बौखलाया ईरान
इजरायल द्वारा किए गए हमले में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान भी गुस्से में है. वहीं इजरायल का कहना है कि लारीजानी सुप्रीम लीडर के करीबी थे. वहीं कप्तान की मौत से ईरान की सेना पर भी असर पड़ा है. माना जा रहा है कि ईरान की कमान में बड़ा बदलाव आ सकता है. इस जंग को मजबूती देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्लानिंग पूरी कर ली है.
अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की तैयारी
रॉयटर्स और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, हजारों अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की तैयारी है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ऑपरेशन को मजबूत करने के लिए यह कदम उठा सकता है. हालांकि अभी इसपर कोई भी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. हाल में अमेरिका ने 2,500 मरीन सैनिकों वाली इकाई को क्षेत्र में भेजा है. यह इकाई जापान से आई है. इसका मकसद कमांडरों को ज्यादा विकल्प देना है. ट्रंप ने कहा है कि युद्ध तब खत्म होगा जब वे खुद महसूस करेंगे.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की लड़ाई
डोनाल्ड ट्रंप का फोकस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ओर भी है. इस रास्ते को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग कहा जाता है. जहां से हजारों जहाज दुनिया के अलग-अलग कोने से आते-जाते हैं. ईरान ने इस रास्ते को प्रभावित कर दिया है. जिसके कारण पूरे विश्व में ईधन की समस्या बढ़ती जा रही है. क्रूड ऑयल 100 डॉलर बैरल से भी ज्यादा ऊंचा चला गया है. इस समस्या को हल करने के लिए ट्रंप हवाई और नौसैनिकों की पूरी मदद ले रहे हैं. हालांकि उन्होंने अपने सहयोगी देशों से भी मदद मांगी थी, लेकिन किसी देश ने भी इसपर सहमति नहीं जताई है.
अमेरिकी अधिकारी ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. यह द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का 90 फीसदी संभालता है. ट्रंप इसे ईरान का 'क्राउन ज्वेल' कहते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जमीनी सैनिक भेजना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है. ईरान ऐसे समय पर मिसाइल और ड्रोन से जवाब दे सकता है.
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