CNG खरीदें या EV लेना होगा बेहतर? आपके लिए दोनों में से कौन सी कार बेस्ट, TERI की रिसर्च पढ़ें

भारत में इलेक्ट्रिक कारों को पर्यावरण का सबसे बड़ा दोस्त माना जाता है, लेकिन द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट यानी TERI की स्टडी कुछ और कहती है.

Pinterest
Reepu Kumari

सड़क पर चुपचाप दौड़ती इलेक्ट्रिक कार को देखकर अक्सर लगता है कि प्रदूषण से लड़ाई में यही सबसे बड़ा हथियार है. मगर क्या यह पूरी सच्चाई है? द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट यानी TERI की एक नई स्टडी इस भरोसे पर सवाल खड़ा करती है. अध्ययन के मुताबिक भारत के मौजूदा पावर मिक्स में CNG वाहन अपने पूरे जीवनचक्र में इलेक्ट्रिक वाहनों से कम पर्यावरणीय असर डाल सकते हैं.

बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार इलेक्ट्रिक और सीएनजी, दोनों तरह के वाहनों को बढ़ावा दे रही है और सड़कों पर इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है. यह अध्ययन वेल टू व्हील विश्लेषण पर आधारित है. इसमें सिर्फ कार के धुएं को नहीं, बल्कि ईंधन या बिजली तैयार होने से लेकर गाड़ी चलने तक के कुल उत्सर्जन को जोड़ा गया है.

बिजली कहां से आती है?

इलेक्ट्रिक कार चलते समय एग्जॉस्ट से कोई धुआं नहीं छोड़ती, यह उसकी सबसे बड़ी खूबी है. लेकिन उसे चार्ज करने वाली बिजली का बड़ा हिस्सा अब भी कोयले से चलने वाले बिजलीघरों से आता है. देश का ग्रिड पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भर नहीं है, इसलिए बिजली बनाते समय भी कार्बन निकलता है. यही कारण है कि मौजूदा हालात में EV का कुल उत्सर्जन उम्मीद से ज्यादा हो सकता है.


CNG क्यों रही आगे?

अध्ययन में CNG बनने, कार तक पहुंचने और फिर इस्तेमाल होने तक की पूरी कड़ी जांची गई. EV के लिए चार्जिंग में लगी बिजली का हिसाब भी इसी तरह जोड़ा गया. CNG भी पेट्रोल और डीजल की तरह जीवाश्म ईंधन है, पर उससे प्रदूषण कम होता है. पूरे सफर का हिसाब लगाने पर फिलहाल CNG का पर्यावरण पर असर कम निकला.

बैटरी की बड़ी चुनौती

इलेक्ट्रिक कार की भारी बैटरी बनाने में लिथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे खनिज लगते हैं. इन्हें जमीन से निकालने और बैटरी तैयार करने में काफी ऊर्जा खर्च होती है. पुरानी बैटरी को ठिकाने लगाना भी आसान नहीं है और उसे सही ढंग से रीसाइकिल करना जरूरी है. आने वाले वक्त में EV की संख्या बढ़ने पर यह बड़ी समस्या बन सकती है. CNG गाड़ियों में ऐसी बैटरी नहीं होती, इसलिए यह झंझट वहां नहीं आता.

तो क्या EV खराब है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है. असल मुद्दा बिजली के स्रोत का है. अगर सौर, पवन और दूसरे साफ ऊर्जा स्रोतों से बिजली बनाना बढ़ा, तो EV का कुल प्रदूषण भी घटेगा और वह बेहतर विकल्प बन सकती है. यानी EV कितनी हरी है, यह सिर्फ कार नहीं, चार्जिंग की बिजली भी तय करती है. इस लिहाज से CNG और CNG हाइब्रिड को इलेक्ट्रिक गतिशीलता की ओर बढ़ने के बीच अंतरिम विकल्प माना जा सकता है.