नई दिल्ली: आजकल ज्यादातर लोग ऑफिस, बाजार या ट्रिप पर जाने के लिए कार का ही सहारा लेते हैं. कार हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुकी है. लेकिन लगातार इस्तेमाल के कारण उसकी देखभाल में लापरवाही हो जाती है, जो सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. कार की सुरक्षा मुख्य रूप से ब्रेक पैड्स, टायर और बैटरी पर निर्भर करती है. अगर समय रहते इनके खराब होने के संकेतों को पहचान लिया जाए तो बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं उन महत्वपूर्ण चेतावनियों के बारे में जो आपकी कार आपको दे रही है.
ब्रेक पैड्स कार की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था हैं. अगर ब्रेक लगाते समय चीं-चीं या रगड़ने जैसी आवाज आने लगे तो समझें कि पैड्स घिस चुके हैं. इसके अलावा ब्रेक पेडल दबाने पर पैर में कंपन महसूस होना या गाड़ी का तुरंत न रुकना भी खतरे की घंटी है. अगर ब्रेक पैड्स की मोटाई 3 मिलीमीटर से कम रह गई हो तो उन्हें तुरंत बदलवा लें.
टायर कार की पकड़ और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं. जब टायरों पर दरारें पड़ने लगें, किनारों पर उभार आ जाए या बार-बार हवा कम होने लगे तो समझ लें कि बदलने का समय आ गया है. अगर ट्रेड डेप्थ 1.6 मिलीमीटर से कम हो गई हो या चलते समय टायर से ज्यादा शोर और कंपन आने लगे तो तुरंत नए टायर लगवा लें.
एक्सपर्ट्स के अनुसार टायरों को हर 40 से 60 हजार किलोमीटर या 4 से 5 साल में बदल देना चाहिए. खासकर बारिश के मौसम में पुराने टायर गीली सड़कों पर फिसल सकते हैं, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है. नियमित रूप से टायर की स्थिति चेक करवाते रहें ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
कार की बैटरी इंजन समेत कई महत्वपूर्ण पार्ट्स को पावर देती है. अगर कार स्टार्ट होने में देरी होने लगे, हेडलाइट्स या डैशबोर्ड की लाइट्स डिम पड़ने लगें तो बैटरी की उम्र पूरी होने का संकेत है. बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या नीला जंग जमा होना भी खराब होने का स्पष्ट संकेत है.
सामान्यतः कार की बैटरी 3 से 5 साल चलती है. लेकिन गर्मी, ठंड या खराब सड़कों पर चलने से इसकी उम्र कम हो सकती है. समय रहते बैटरी चेक करवाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत नई बैटरी लगवा लें. नियमित मेंटेनेंस से कार लंबे समय तक अच्छी हालत में रहती है और आपकी सुरक्षा भी बनी रहती है.