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ये हैं भारत के सबसे मशहूर शनि धाम, यहां खुद शनिदेव हैं विराजमान

Shanidev Temple: शनिदेव को कर्मफल दाता कहा जाता है. ये व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से उसको फल देते हैं. शनिदेव की कुदृष्टि व्यक्ति को कंगाल बना देती है. इस कारण शनिदेव की शुभ दृष्टि पाने के लिए और उनके प्रकोप से बचने के लिए आप शनिदेव के कुछ धामों के दर्शन कर सकते हैं. 

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Courtesy: social media

Shanidev Temple: भगवान शनिदेव को न्यायाधीश कहा जाता है. ये कर्म का फल प्रदान करते हैं. ये व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल देते हैं. माना जाता है कि शनिदेव की कुदृष्टि जिसपर पड़ जाए, उसको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता है. वहीं, शनि का शुभ प्रभाव व्यक्ति को राजा भी बना सकता है. लोग शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कई प्रयास करते हैं. 

भारत में शनिदेव के कई ऐसे मशहूर मंदिर हैं, जहां पर आप जाकर दर्शन कर सकते हैं. इन जगहों पर शनिदेव के दर्शन से वे आपको शुभ फल प्रदान करते हैं. शनिदेव अगर आपसे प्रसन्न होंगे तो आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे. शनिदेव के इन फेमस मंदिरों में दर्शन करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और उनकी कुष्दृष्टि से बचाव होता है. मान्यता है कि इन मंदिरों में शनिदेव स्वयं विराजते हैं. इस कारण यहां पर दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं. आइए जानते हैं कि शनि भगवान के वे कौन से मशहूर धाम हैं, जहां आपको दर्शन के लिए जाना चाहिए. 

शनि शिंगणापुर 

महाराष्ट्र में स्थित इस मंदिर को शनिदेव का जन्म स्थान माना जाता है. यहां पर देश-विदेश से लोग दर्शन को आते हैं. यहां पर शनिदेव हैं पर मंदिर नहीं है. घर हैं पर उनमें दरवाजा नहीं है. वृक्षों की छाया नहीं है. यहां पर शनिदेव की 5 फीट 6 इंच चौड़ी एक प्रतिमा विराजमान है. यहां पर देश ही नहीं विदेशों से भी लोग आकर उनके दर्शन का लाभ प्राप्त करते हैं. इस जगह पर घरों या दुकानों में ताले नहीं लगते हैं. यहां पर घरों और दुकानों की रक्षा स्वयं शनिदेव करते हैं.  

इंदौर शनिदेव मंदिर

जूनी इंदौर में स्थित शनिदेव का यह प्रसिद्ध मंदिर दुनिया का सबसे प्राचीन शनि मंदिर है. यहां की मान्यता है कि इस स्थान पर शनि देवता खुद पधारे थे. करीब 300 वर्ष पहले यहां पर 20 फुट ऊंचा एक टीला था. यहां पर शनिदेव की कृपा भक्तों को प्राप्त होती है. 

शनिचरा मंदिर

मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास एंती गांव में एक ऐसा भगवान शनिदेव का मंदिर है. जहां की प्रतिमा एक उल्कापिंड से निर्मित है. मान्यता है कि यहां की प्रतिमा त्रेतायुग के समय की है. यह आसमान से गिरे एक उल्कापिंड से बनाई गई है. ज्योतिष के जानकारों की मानें शिंगणापुर वाली शनि देव की शिला को इसी पर्वत से ले जाया गया है. मान्यता है कि हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कराकर मुरैना के पर्वत पर विश्राम के लिए छोड़ा था. मंदिर के बाहर यहां हनुमान जी की भी मूर्ति स्थापित है. 

प्रतापगढ़ शनि मंदिर

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित यह शनिदेव मंदिर शनिधाम के नाम से विख्यात है. प्रतापगढ़ जिले के विश्वनाथगंज बाजार से 2 किमी दूर कुशफरा के जंगल में यह मंदिर स्थापित है. यहां दर्शन मात्र से भक्त शनिदेव की कृपा का पात्र बन जाता है. यहां पर शनिदेव को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. 

शनि मंदिर फतेहपुर बेरी

दिल्ली के महरौली में स्थित यह शनि धाम काफी फेमस है. यहा शनिदेव की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित है. ये मूर्ति अष्टधातुओं से बनाई गई है. यहां पर आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है. 

Disclaimer : यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.